ग्रामीणों के लिए ‘डाक’ बन गया मज़ाक – महीनों से ताले में जकड़े पोस्ट ऑफिस, अधिकारी कर रहे सिर्फ़ दिखावा!

भगवान भरोसे डाकघर
आनंदपुर/सिरोंज। तहसील क्षेत्र के गांवों में डाक विभाग की लापरवाही अब लोगों के सब्र का बांध तोड़ रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए खोले गए डाकघर ही ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण बन गए हैं।

हमेशा बंद रहते हैं दफ्तर
भगवन्तपुर और नरखेड़ा जागीर जैसे गांवों में बने पोस्ट ऑफिस अक्सर ताले में लटके रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कभी–कभी अगर दफ्तर खुल भी जाता है तो महज़ एक–दो घंटे बाद ही बंद हो जाता है।

ग्रामीणों का आक्रोश
नरखेड़ा जागीर के लल्लीराम सूर्यवंशी और रंजीत दांगी ने बताया – “हमारी शिकायतें बार–बार अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन हर बार सिर्फ़ खानापूर्ति कर ली जाती है। हमें न तो योजनाओं की जानकारी मिलती है और न ही उनका लाभ।”

 योजनाओं पर लग रही रोक
सुकन्या समृद्धि योजना, इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक से लेकर आधार केंद्र जैसी अहम योजनाएं डाक विभाग के ज़रिए चलती हैं। लेकिन दफ्तर बंद रहने से लोग इन योजनाओं से वंचित हैं।

 अधिकारी सिर्फ़ कर रहे औपचारिकता
ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आते तो हैं, पर केवल “फॉर्मेलिटी” करके चले जाते हैं। न कोई ठोस कार्यवाही होती है, न समस्या का समाधान।

अधीक्षक का बयान
इस मामले में डाक विभाग के अधीक्षक टीएस भील ने कहा – “आपके द्वारा मामला संज्ञान में आया है, संबंधितों को कार्रवाई के लिए बोल दिया गया है।”

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