गाँवों में राम भरोसे डाक विभाग: सेवाएँ ठप, लोग परेशान


गाँवों में राम भरोसे डाक विभाग: सेवाएँ ठप, लोग परेशान

निरीक्षण की कमी और कर्मचारियों के अभाव से ग्रामीण योजनाओं से वंचित

शुभम सोनी आनंदपुर: 28 अगस्त 2025 । गाँवों में डाक विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। पंचायत भवन, स्कूल भवन और किराए के मकानों में संचालित डाकघर बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। लेटर बॉक्स तक उपलब्ध नहीं, BPM/ABPM की कमी है और डाक का समय पर न पहुँचना आम हो गया है। सबसे बड़ी बात यह कि विभागीय अधिकारी और पोस्ट मास्टर समय-समय पर निरीक्षण करने नहीं आते, जिससे व्यवस्थाएँ पूरी तरह चरमरा गई हैं। शासन द्वारा पाँच वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड बनाने का कार्य भी डाक विभाग को सौंपा गया है, लेकिन अव्यवस्था और संसाधनों की कमी के कारण यह भी ठप पड़ा है।

असुविधाओं के साए में डाकघर

जब हमारी टीम ने आनंदपुर क्षेत्र के डाकघरों का निरीक्षण किया तो ये समस्याएँ सामने आईं:

उनारसीकला: कच्चे मकान के अंदर अस्थायी डाकघर, सुविधाओं का अभाव।

पटेरा चाडू: पंचायत भवन में संचालित, लेकिन न तो लेटर बॉक्स और न ही समय पर सेवाएँ।

खामखेड़ा: स्कूल भवन से संचालन, डाक वितरण समय पर न होने की शिकायतें।

काछीखेड़ा: किराए के भवन में संचालित डाकघर, BPM/ABPM की कमी से कार्य प्रभावित।

आनंदपुर: पंचायत भवन में डाकघर, सूचना संकलन बॉक्स का अभाव, सेवाएँ बाधित।

मुख्य समस्याएँ

लेटर बॉक्स का न होना — ग्रामीणों के पत्र डालने के लिए कोई सुविधा नहीं।
BPM/ABPM की कमी — रिक्त पदों के कारण सेवाएँ बाधित।
डाक का विलंब — आवश्यक पत्र और दस्तावेज़ समय पर ग्रामीणों तक नहीं पहुँचते।
निरीक्षण का अभाव — पोस्ट मास्टर और विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण नहीं करते।
योजनाओं की जानकारी का अभाव — सुकन्या समृद्धि योजना, डाक बीमा और बचत योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक नहीं पहुँच रही।

बाल आधार कार्य ठप — पाँच साल तक के बच्चों का आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी डाक विभाग को, लेकिन किट और स्टाफ की कमी से कार्य बंद।

असर: आम जनता पर पड़ रहा बोझ

ग्रामीण लोग योजनाओं और सेवाओं से वंचित हैं। बचत योजनाओं, सुकन्या समृद्धि योजना और डाक बीमा जैसी सुविधाएँ लोगों तक नहीं पहुँच पा रही हैं। आवश्यक पत्र और दस्तावेज़ देर से मिलने से किसानों, छात्रों और रोजगार खोजने वालों को परेशानी हो रही है। वहीं बच्चों के आधार कार्ड न बनने से स्कूल व आंगनबाड़ी नामांकन और भविष्य की सरकारी योजनाएँ अटक रही हैं।

क्यों बिगड़ी व्यवस्थाएँ
रिक्त पदों के कारण मानव संसाधन की भारी कमी।
स्थायी भवन, नेटवर्क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव।
विभागीय अधिकारियों का निरीक्षण और जवाबदेही न होना।
ग्राम स्तर पर सूचना-पट्ट, लेटर बॉक्स और हेल्पडेस्क जैसी सुविधाओं की कमी।

शीघ्र हो डाक घरों की समस्यों का समाधान 

सभी डाकघरों में तत्काल लेटर बॉक्स लगाए जाएँ।
BPM और ABPM की नियुक्तियाँ शीघ्र की जाएँ।
डाक समय पर पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
अधिकारियों द्वारा मासिक निरीक्षण अनिवार्य किया जाए।
योजनाओं का गाँव-गाँव में प्रचार-प्रसार हो।
बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविर लगाए जाएँ।

मैंने अभी कुछ दिनों पहले ही ज्वाइन किया है जो समस्याएं हैं उनको जल्द से जल्द खत्म करने की कोशिश की जाएगी।

टीएस भील, डाक अधीक्षक विदिशा।

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