होलिका दहन के दिन बंद मिला आनंदपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मरीजों को लौटना पड़ा मायूस

आनंदपुर (विदिशा)। होली दहन के दिन आनंदपुर का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। कई मरीजों को मजबूरन प्राइवेट क्लीनिक का सहारा लेना पड़ा, जबकि आपात स्थिति में लोगों को दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है।

ग्राम के महेंद्र जैन ने बताया कि वे इलाज कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल बंद मिला। अस्पताल बंद होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका और बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ा।
इसी तरह आनंदपुर निवासी दशरथ सिंह भी अपने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन अस्पताल में ताला लगा होने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। बाद में उन्हें मजबूरी में निजी क्लीनिक पर जाकर इलाज कराना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंदपुर के इस अस्पताल में इमरजेंसी की कोई व्यवस्था नहीं है। अचानक तबीयत बिगड़ने या दुर्घटना की स्थिति में मरीजों को लटेरी या फिर भोपाल और गुना ले जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की परेशानी बढ़ जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के इतने बड़े गांव में अस्पताल होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं व्यवस्थित नहीं हैं। कई बार स्टाफ की कमी और अव्यवस्था के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता।

इस संबंध में जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी रामरहित ने कहा कि होली के कारण अवकाश था, इसलिए अस्पताल बंद रहा। साथ ही वहां पर्याप्त स्टाफ भी उपलब्ध नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार के दिन भी अस्पताल में कम से कम इमरजेंसी सेवाएं चालू रहना जरूरी है, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और शासन से मांग की है कि अस्पताल में पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को सुव्यवस्थित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।

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