आनंदपुर में पेयजल लाइन अधूरी: गड्ढों से बढ़ा हादसे का खतरा, ‘हर घर नल’ पर उठे सवाल
आनंदपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर नल’ का सपना जावती रोड पर अधूरा नजर आ रहा है। यहां पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य अव्यवस्था और लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। एक ओर लाइन डालने के बाद उसे व्यवस्थित रूप से जोड़ा नहीं गया, बल्कि पाइप को सार्वजनिक मूत्रालय में ही छोड़ दिया गया। करीब एक सप्ताह से ग्रामीण कनेक्शन जुड़ने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हो रही।
बिना सुरक्षा मानकों के काम, बढ़ी चिंता
ग्रामीणों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के ठेकेदार द्वारा बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए कार्य किया जा रहा है। पाइपलाइन डालने के लिए जगह-जगह नालियां और गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं, लेकिन न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। एक लाइन पूरी तरह जुड़ी भी नहीं कि दूसरी लाइन की खुदाई शुरू कर उसे भी अधूरा छोड़ दिया गया। इससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आने वाले होली त्योहार के मद्देनजर लोगों की आवाजाही बढ़ने वाली है। ऐसे में खुले गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका और गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को लेकर ठेकेदार और विभाग दोनों ही गंभीर नजर नहीं आ रहे।
आने वाले होली त्योहार के मद्देनजर लोगों की आवाजाही बढ़ने वाली है। ऐसे में खुले गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका और गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को लेकर ठेकेदार और विभाग दोनों ही गंभीर नजर नहीं आ रहे।
आधा काम, दोगुनी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे जगह-जगह गड्ढे खुले पड़े हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है। रात के समय हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं। जब ठेकेदार के कर्मचारियों से जवाब मांगा गया तो उन्होंने “आज-कल में कर देंगे” कहकर मामला टाल दिया।
घर तक पानी नहीं, सड़क पर कनेक्शन
उपभोक्ताओं का कहना है कि कनेक्शन पाइप मात्र 12–15 फीट देकर सड़क पर ही छोड़ दिया गया है। घर तक पाइप पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी है, इसका स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। ऐसे में ‘हर घर नल, घर-घर नल’ का दावा धरातल पर अधूरा साबित हो रहा है। ग्रामीणों का सवाल है—जब योजना का उद्देश्य हर घर तक पानी पहुंचाना है, तो सड़क पर कनेक्शन छोड़कर काम पूरा कैसे मान लिया गया?
अधिकारी से संपर्क नहीं
मामले में विभाग के एसडीओ से मोबाइल नंबर 8462891133 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। विभाग की चुप्पी ने ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ा दी है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरा कार्य तत्काल पूरा कराया जाए, सभी घरों तक विधिवत कनेक्शन सुनिश्चित हो और बिना सुरक्षा मानकों के कार्य कराने वाले ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर मामले में कब तक संज्ञान लेता है।




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