लटेरी के जंगल में कब्जे की लड़ाई: कार्रवाई पर वकील–नाकेदार बातचीत का ऑडियो वायरल

वकील की धमकी—‘मेरी जमीन की तरफ देखा तो जान से जाओगे’, अफसरों से संबंध बताकर दबाव बनाने का आरोप

विदिशा/लटेरी। जिले के लटेरी वन क्षेत्र में वन भूमि पर कब्जे और सागौन की अवैध कटाई को लेकर नया विवाद सामने आया है। मुरवास बीट के नाकेदार वीरनारायण जोशी और खुद को अधिवक्ता बताने वाले देव ठाकरे के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। ऑडियो में वन भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई पर तीखी नोकझोंक और धमकी भरे शब्द सुनाई दे रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, नाकेदार द्वारा धरेगा गांव में लगभग 10 बीघा वन भूमि पर कब्जा हटाने के लिए नोटिस दिए जाने के बाद यह विवाद बढ़ा। वायरल ऑडियो में अधिवक्ता द्वारा कथित रूप से यह कहते सुना जा रहा है कि “मेरी कब्जे वाली जमीन की तरफ आंख उठाकर भी मत देखना, नहीं तो संकट में पड़ जाओगे।” साथ ही कुछ वरिष्ठ वन अधिकारियों से संबंध होने का हवाला देकर दबाव बनाने की भी बात कही गई है।

डीएफओ ने किया निलंबन, जांच के आदेश
मामले के तूल पकड़ने के बाद विदिशा के डीएफओ हेमंत यादव ने नाकेदार वीर नारायण जोशी को अनियमितताओं के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है। यदि धमकी या दबाव बनाने की बात प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

‘भोपाल से विदिशा तक संबंध’ का दावा
ऑडियो में कथित रूप से यह भी कहा गया है कि “भोपाल से लेकर विदिशा तक के अधिकारी मेरे इशारे पर काम करते हैं।” साथ ही पीसीसीएफ और डीएफओ से परिचय का हवाला देकर कार्रवाई रोकने की चेतावनी दी गई। हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन दावों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
सागौन तस्करी पर उठे सवाल

लटेरी, मुरवास, मसूड़ी, धरगा और सगड़ा सहित कई इलाकों में सागौन की अवैध कटाई और तस्करी की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। बताया जाता है कि क्षेत्र की कीमती सागौन लकड़ी प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान तक पहुंचाई जा रही है। जिले में करीब एक लाख हेक्टेयर वन भूमि है, जिसमें से लगभग 20 हजार हेक्टेयर पर अतिक्रमण के आरोप लगाए जाते रहे हैं।

वन विभाग पर स्थानीय स्तर पर समय-समय पर मिलीभगत के आरोप भी लगते रहे हैं। ताजा घटनाक्रम ने विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वकील का पक्ष

देव ठाकरे का कहना है कि नाकेदार द्वारा पैसों की मांग की जा रही थी। इसी संदर्भ में बातचीत हुई थी। उन्होंने डीएफओ के संबंध में अपशब्द निकलने को ‘गलती’ बताया है।
फिलहाल वायरल ऑडियो की सत्यता और आरोप-प्रत्यारोप की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के आधार पर है Theshapath इस वायरल ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता



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