देवास/इंदौर।मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जुड़ी टिप्पणी देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को महंगी पड़ गई। उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह ने प्रशासनिक मर्यादा के उल्लंघन और कदाचरण के आरोप में एसडीएम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
दरअसल, 3 जनवरी को देवास एसडीएम कार्यालय से एक आदेश जारी किया गया था, जो कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाने से संबंधित था। इसी आदेश में एसडीएम आनंद मालवीय द्वारा प्रशासनिक भाषा के स्थान पर राजनीतिक आरोप, गलत आंकड़े और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी शामिल की गई थी।
आदेश में उल्लेख किया गया था कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में भाजपा शासित नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए “मल-मूत्र युक्त पानी” के कारण 14 लोगों की मौत हुई और 2800 लोग उपचाररत हैं। जबकि प्रशासन के अनुसार यह आंकड़े तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक थे।
मंत्री के बयान को बताया था अमानवीय
आदेश में आगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान को “अशोभनीय, अमानवीय और निरंकुशता की निशानी” बताया गया था। साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश का हवाला देते हुए भाजपा सांसदों और विधायकों के निवास के सामने घंटा बजाकर विरोध प्रदर्शन करने की बात भी लिखी गई थी।
आचरण नियमों का उल्लंघन माना
मामले को गंभीरता से लेते हुए उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने इसे मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के तहत कदाचरण माना। आदेश में कहा गया कि एक अत्यंत संवेदनशील विषय पर गलत तथ्यों के साथ राजनीतिक टिप्पणी करना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है।
उज्जैन रहेगा मुख्यालय
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, उज्जैन संभाग रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।




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