भोपाल/मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश की राजनीति में एक बार फिर निजी जीवन से जुड़ा मामला सुर्खियों में है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक जोशी पिछले 5 दिनों से लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच खुद को उनकी पत्नी बताने वाली कांग्रेस नेत्री पल्लवी राज सक्सेना का एक भावुक वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
गुरुवार देर रात सामने आए वीडियो में पल्लवी राज सक्सेना भोपाल के नेहरू नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में नजर आईं। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी और दीपक जोशी की शादी को अवैध बताया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।
पल्लवी ने दावा किया कि उनका विवाह आर्य समाज मंदिर में सभी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत हुआ है। उन्होंने बताया कि मंदिर के संस्थापक विजय आर्य से उन्होंने खुद इस मुद्दे पर चर्चा की, जिन्होंने विवाह को पूरी तरह वैध बताया।
पल्लवी ने कहा कि आर्य समाज एक मान्यता प्राप्त संस्था है और यहां संपन्न विवाह कानूनन मान्य होते हैं। जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में भी शादी की वैधता साबित की जाएगी।
उन्होंने चेतावनी दी कि उनकी शादी पर सवाल उठाकर उनकी छवि खराब करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार की मौजूदगी में हुई शादी
पल्लवी का कहना है कि विवाह दोनों पक्षों की सहमति से हुआ था। शादी के समय उनके माता-पिता, भाई-भाभी और दीपक जोशी के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे।
5 दिन से लापता दीपक जोशी
सबसे गंभीर पहलू यह है कि दीपक जोशी 20 दिसंबर के बाद से लापता बताए जा रहे हैं। उनका मोबाइल फोन बंद है और परिवार व पार्टी से भी संपर्क नहीं हो पा रहा।
पल्लवी का दावा है कि दीपक से उनकी आखिरी बातचीत श्वेता पटेल के फोन से हुई थी, हालांकि श्वेता पटेल कौन हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
भाजपा ने बनाई दूरी
भाजपा ने इस पूरे मामले से खुद को अलग करते हुए कहा है कि दीपक जोशी की पार्टी में वापसी नहीं हुई थी और वे प्राथमिक सदस्य भी नहीं हैं। पार्टी का कहना है कि यह उनका निजी मामला है।
तीन महिलाओं के दावे, बढ़ा विवाद
4 दिसंबर को पल्लवी ने सोशल मीडिया पर दीपक जोशी के साथ शादी की तस्वीरें पोस्ट की थीं, जिनमें दीपक उनकी मांग में सिंदूर भरते दिखे।
इसके बाद नम्रता जोशी और शिखा जोशी ने भी खुद को दीपक की पत्नी बताते हुए दावा किया। यहीं से विवाद और गहरा गया।
सियासी रंग लेता मामला
पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे से जुड़ा यह विवाद अब राजनीतिक रूप भी ले चुका है। कांग्रेस ने भाजपा पर तंज कसते हुए संस्कारों की बात उठाई, वहीं भाजपा ने इसे पूरी तरह निजी मामला बताया।
सबकी नजरें प्रशासन पर
फिलहाल पूरा प्रदेश इस सवाल पर टिका है कि दीपक जोशी कहां हैं और कब तक उनका सुराग मिलेगा। साथ ही यह भी देखना होगा कि परिवार या प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान कब सामने आता है।
तब तक यह मामला मध्यप्रदेश की राजनीति और समाज में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।




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