मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
सिरोज। सिरोंज नगर के पत्रकार एवं नवदुनिया समाचार पत्र से जुड़े प्रमोद रघुवंशी पर रविवार देर रात जानलेवा हमला किए जाने की घटना से पत्रकार जगत में भारी आक्रोश फैल गया है। हमले में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रमोद रघुवंशी पर यह हमला उस समय किया गया, जब आरोपियों ने फोन कर उन्हें रात करीब 10 बजे छत्री नाका क्षेत्र में बुलाया। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने घात लगाकर डंडों, एवं फरसे से उन पर प्राणघातक हमला कर दिया।
बताया जा रहा है कि पत्रकार प्रमोद रघुवंशी द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) से जुड़े ठेकेदार मानसिंह रघुवंशी से संबंधित कथित अनियमितताओं को उजागर करते हुए समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसी रंजिश के चलते उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।
घटना के बाद थाना सिरोंज पुलिस द्वारा पीड़ित पत्रकार पर ही गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किए जाने को लेकर पत्रकार संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अन्यायपूर्ण बताया गया है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
घटना के विरोध में सिरोंज पत्रकार महासंघ एवं श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सिरोंज को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि—
प्रमोद रघुवंशी पर दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष एवं पुनः जांच कराई जाए
घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो
पीड़ित पत्रकार पर दर्ज झूठा प्रकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए
भविष्य में किसी भी पत्रकार के खिलाफ प्राथमिक जांच के बिना प्रकरण दर्ज न किया जाए
पत्रकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो तहसील, जिला एवं प्रदेश स्तर पर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पत्रकारों का कहना
पत्रकारों ने कहा कि यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। सच लिखने और सवाल पूछने की सजा हिंसा नहीं हो सकती।
उन्होंने दो टूक कहा—
“पत्रकार न डरेंगे, न झुकेंगे।”




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