डॉ. अरुण सक्सेना बोले– पत्रकार निर्भीक नहीं होगा तो समाज गूंगा हो जाएगा
शुभम सोनी | सिरोंज। पत्रकारिता के स्वाभिमान, एकजुटता और अधिकारों को समर्पित राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह एवं कार्यशाला का आयोजन 27 दिसंबर को सिरोंज में किया गया। कार्यक्रम से पूर्व अनंत श्री गार्डन, कुरवाई रोड से चार पहिया वाहनों की भव्य रैली निकाली गई। रैली छतरी चौराहा स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा, मार्केट स्थित शीतला माता मंदिर, पुरानी बस स्टैंड पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए स्थानीय आनंद श्री गार्डन पहुंची, जहां विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने कहा कि पत्रकारिता कोई नौकरी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। यदि पत्रकार निर्भीक नहीं होगा तो समाज गूंगा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता संगठित, सजग और सिद्धांतनिष्ठ पत्रकारिता की है। जब-जब सत्ता, व्यवस्था या समाज में अन्याय होगा, तब-तब पत्रकार सबसे पहले खड़ा दिखाई देगा—यही उसकी पहचान और धर्म है।
कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल मप्र शासन के मछुआ एवं मत्स्य कल्याण मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को ‘विकास पुरुष’ का तमगा दिलाने में पत्रकारों की निष्पक्ष और निर्भीक कलम की अहम भूमिका होती है। विकास कार्यों का मूल्यांकन केवल जनता ही नहीं, बल्कि पत्रकार भी करते हैं।
उन्होंने जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों को संगठित कर सम्मान और प्रशिक्षण देने वाला यह मंच पत्रकारिता को नई दिशा दे रहा है। मंत्री पंवार ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने इंदौर से प्रकाशित ‘स्वदेश’ और इसके बाद ‘नवभारत’ में पत्रकार के रूप में कार्य किया है, जिससे उन्हें पत्रकारों की चुनौतियों और जिम्मेदारियों का प्रत्यक्ष अनुभव है।
विशिष्ट अतिथि भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नवीन आनंद जोशी ने कहा कि शासन से मिलने वाली सुविधाएं आंचलिक और क्षेत्रीय पत्रकारों तक पहुंचे, इसके लिए ठोस नीति और निरंतर प्रयास किए जाने की जरूरत है।
आरोप लगना पत्रकारिता के जीवित होने का प्रमाण : रमेश शर्मा
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा ने ‘गोदी मीडिया’ जैसे शब्दों पर बेबाक टिप्पणी करते हुए कहा कि जब पत्रकार सत्ता और व्यवस्था से सवाल पूछता है, तभी उसे लेबल करने की कोशिश होती है। आरोप लगना इस बात का संकेत है कि पत्रकारिता ने किसी न किसी को असहज किया है।
पत्रकार नितिन दुबे ने अपने संबोधन में रीजनल पत्रकारिता को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी पत्रकारिता को राजनीतिक खांचों में बांटने की प्रवृत्ति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ओरिजिनल और जमीनी पत्रकार सबसे अधिक दबाव में है—चाहे वह थानेदार हो, तहसीलदार, एसडीएम या कलेक्टर।
उन्होंने कहा कि यह भ्रम फैलाया जाता है कि रीजनल पत्रकार कमतर है, जबकि सच्चाई यह है कि श्रेष्ठ पत्रकार वही है जो प्रधानमंत्री से लेकर पटवारी तक सवाल पूछने का साहस रखता है। नितिन दुबे ने सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों का खंडन कर सही खबरें जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
वरिष्ठ व युवा पत्रकारों का सम्मान
इस अवसर पर सिरोंज के वरिष्ठ पत्रकार अवध नारायण एडवोकेट, अब्दुल सूबूर मियां, स्वर्गीय बालकृष्ण विद्यार्थी, राकेश सक्सेना तथा सबसे कम उम्र के संपादक अमरकंटक एक्सप्रेस के दीपक प्रजापति को शाल, श्रीफल और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।
विधायक की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
कार्यक्रम में स्थानीय एवं क्षेत्रीय विधायक उमाकांत शर्मा की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही। राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में क्षेत्रीय विधायक का न पहुंचना दिनभर चर्चाओं में रहा। हालांकि उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई औपचारिक कारण सामने नहीं आया।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांगपत्र
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र मंत्री नारायण सिंह पंवार को सौंपा। मंत्री ने ज्ञापन मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में विदिशा जिले की सभी तहसीलों सहित प्रदेश के अनेक जिलों से सैकड़ों पत्रकार शामिल हुए।
सफल आयोजन में इनका रहा योगदान
कार्यक्रम में स्वागत भाषण राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. कमल आलोक प्रसाद ने दिया तथा आभार आयोजनकर्ता रघुवीर प्रजापति ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट पवन सक्सेना ने किया। आयोजन को सफल बनाने में JUMP सिरोंज टीम का सराहनीय योगदान रहा।




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