छोटे कामों के लिए भी जनपद के चक्कर, स्वच्छ भारत अभियान की उड़ रही धज्जियां*
लटेरी। लटेरी जनपद की ग्राम पंचायत मोतीपुर पिछले कई महीनों से नियमित रूप से नहीं खुल रही है। पंचायत भवन पर ताले लटके रहने से ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास, पेंशन, मनरेगा जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी जनपद कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पंचायत की इस बदहाली ने ग्रामीणों को परेशान कर रखा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत खुलने का कोई तय समय नहीं है। कई बार लोग पंचायत भवन पहुंचते हैं, लेकिन वहां न सचिव मिलते हैं और न ही रोजगार सहायक। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
दो पंचायतों का प्रभार, मोतीपुर उपेक्षित
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत सचिव नंदकिशोर सेन को मोतीपुर के साथ-साथ खेरखेड़ी पंचायत का भी प्रभार दिया गया है। अधिकांश समय वे खेरखेड़ी में ही रहते हैं, जिससे मोतीपुर पंचायत की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
रोजगार सहायक भी रहते हैं नदारद
रोजगार सहायक विनोद प्रजापति का निवास सिरोंज में बताया जा रहा है। वे पंचायत में कभी-कभार ही पहुंचते हैं। इसका सीधा असर मनरेगा सहित अन्य योजनाओं पर पड़ रहा है। मजदूरों को न तो समय पर जानकारी मिल पा रही है और न ही काम।
स्वच्छ भारत अभियान का मजाक
स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत मुख्यालय पर बनाए गए पंचायत भवन की हालत खुद अभियान की सच्चाई उजागर कर रही है। पंचायत भवन में शौचालय और बाथरूम बने तो हैं, लेकिन वर्षों से बंद पड़े हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पंचायत भवन में मुख्य गेट तक नहीं लगे हैं, जिससे भवन की सुरक्षा और मर्यादा दोनों सवालों के घेरे में हैं।
निर्माण में दरारें, गुणवत्ता पर सवाल
निर्माण के कुछ ही समय बाद पंचायत भवन में दरारें आ जाना सरकारी निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कागजों में मजबूत दिखने वाली योजनाएं जमीनी हकीकत में खोखली साबित हो रही हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश
जिस पंचायत भवन को गांव का ‘मर्यादा घर’ कहा जाता है, वही आज अव्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। पंचायत के बंद रहने और सुविधाओं की बदहाली से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने जनपद प्रशासन से मांग की है कि पंचायत को नियमित रूप से खुलवाया जाए, भवन की स्थिति की जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई हो, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
इनका कहना है कि
आपके माध्यम से जानकारी मिली है में बात करता हूं और इसा है तो कार्रवाई की जाएगी
महेश जुलानिया
पंचायत इंस्पेक्टर जनपद लटेरी




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