ANANDPUR ओखली खेड़ा फीडर पर बार-बार फाल्ट से किसानों में रोष, विद्युत मंडल को सौंपा ज्ञापन

ओखली खेड़ा फीडर पर बार-बार फाल्ट से किसानों में रोष, विद्युत मंडल को सौंपा ज्ञापन
दो दिवस में समाधान नहीं हुआ तो चक्का जाम व आंदोलन की चेतावनी

आनंदपुर । ओखली खेड़ा फीडर पर लगातार हो रही विद्युत बाधा, बार-बार फाल्ट और घोषित कटौती से क्षेत्र के किसान गंभीर रूप से प्रभावित हैं। कृषि सिंचाई के समय बिजली नहीं मिलने से फसलें सूखने की कगार पर पहुंच गई हैं। इसी समस्या को लेकर शेरखेड़ा, वापचा मे सहित आसपास के गांवों के किसानों ने एकजुट होकर विद्युत मंडल कार्यालय पहुंचकर सुपरवाइजर संतोष बिशोरिया को ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में ओखली खेड़ा फीडर से मिलने वाली बिजली अत्यंत अनियमित है। कभी घंटों तक आपूर्ति बंद रहती है तो कभी रात्रि के समय बिजली दी जाती है, जिससे सिंचाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। खरीफ फसलों की सिंचाई का समय चल रहा है, ऐसे में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ज्ञापन में किसानों ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि आगामी दो दिवस के भीतर कृषि सिंचाई के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही ओखली खेड़ा फीडर को हटाकर काला देव फीडर से जोड़े जाने की मांग भी की गई, ताकि क्षेत्र को स्थायी रूप से बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल सके।

किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विद्युत मंडल द्वारा तय समय सीमा में समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन चक्का जाम, प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।

इस मौके पर विद्युत मंडल के सुपरवाइजर संतोष बिशोरिया ने किसानों को आश्वासन दिया कि क्षेत्र में बिजली की समस्या का मुख्य कारण अधिक लोड बढ़ जाना है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा तत्काल सर्वे कर यह आकलन किया जाएगा कि किन-किन स्थानों पर सप्लाई में ज्यादा दिक्कत आ रही है। एक-दो दिवस के भीतर तकनीकी खामियों को दूर कर किसानों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा।

सुपरवाइजर ने यह भी कहा कि विभाग को यह जानकारी मिल रही है कि कुछ स्थानों पर अवैध रूप से मोटर पंप चलाए जा रहे हैं, जिससे फीडर पर अतिरिक्त भार बढ़ रहा है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत कनेक्शन से ही मोटर पंप चलाएं और विद्युत विभाग का सहयोग करें।

ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में जल्द समाधान की मांग की। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें विद्युत मंडल की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि विभाग दो दिवस में समस्या का समाधान कर पाता है या किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

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