छतरपुर में बड़ी कार्रवाई: बिजावर जनपद CEO अंजना नागर सस्पेंड, फर्जी भुगतान समेत कई गंभीर आरोप


छतरपुर। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में सागर संभाग के कमिश्नर अनिल सुचारी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिजावर जनपद पंचायत की CEO अंजना नागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई कलेक्टर पार्थ जैसवाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

1. बिना काम के भुगतान
ग्राम पंचायत अनगौर में नंदन फलोद्यान योजना के तहत बिना कार्य कराए ही नियमों के विरुद्ध भुगतान कर दिया गया।

2. ड्यूटी से गायब, रिकॉर्ड भी गड़बड़

CEO अंजना नागर नियमित रूप से मुख्यालय पर उपस्थित नहीं रहती थीं। सरकारी वाहन की लॉगबुक, पीओएल और टूर डायरी का रिकॉर्ड भी ठीक से संधारित नहीं पाया गया।

3. शासन के आदेशों की अनदेखी

ग्राम रोजगार सहायकों को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया और बिना सक्षम आदेश के उन्हें जनपद पंचायत में अटैच कर दिया गया।

4. नियम विरुद्ध नियुक्तियां

सेवानिवृत्त कर्मचारियों और लंबे समय से अनुपस्थित सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी को नियमों के खिलाफ ज्वाइन कराया गया।

5. जांच में भी सहयोग नहीं

लोकायुक्त भोपाल में पेशी के दौरान अनुपस्थित रहना और कलेक्टर के नोटिस का जवाब न देना भी सामने आया।

क्या कहा आदेश में

संभाग कमिश्नर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह आचरण मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। साथ ही, सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान अंजना नागर का मुख्यालय जिला पंचायत छतरपुर निर्धारित किया गया है।

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