दतिया (मध्य प्रदेश)। जिले के कलेक्टर एवं आईएएस अधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने जनहित के मामलों में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाते हुए बसई तहसील के पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर बसई पहुंचे कलेक्टर ने जनसुनवाई के दौरान नाली निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतों को गंभीरता से लिया और मौके पर ही कार्रवाई की।
दरअसल, बसई कस्बे में चल रहे नाली निर्माण कार्य में कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा अपने मकानों को सीलन से बचाने के लिए नाली के नक्शे में बदलाव कर उसे आड़ा-तिरछा बनवा दिया गया था। इससे आम लोगों को जलभराव और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इस संबंध में पहले भी शिकायतें मिल चुकी थीं।
कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े इससे पहले जुलाई माह में भी बसई का दौरा कर चुके हैं। उस समय भी नाली को तिरछा बनाए जाने की शिकायत सामने आई थी, जिस पर उन्होंने पटवारी को नाली सीधी कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधिकारियों सहित अन्य लोगों ने पटवारी शैलेंद्र शर्मा पर नेताओं के दबाव में काम करने और कलेक्टर को गलत जानकारी देकर गुमराह करने के आरोप लगाए। शिकायतों की पुष्टि होने पर कलेक्टर भड़क गए और उन्होंने पटवारी को मौके पर ही सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
कलेक्टर ने एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा,
“ध्यान रहे, जो भी नया पटवारी रखा जाए, वह जनता के लिए काम करने वाला हो, नेताओं के लिए नहीं। मैंने जो आदेश दिया है, उसका पालन होना चाहिए।”
इसके साथ ही कलेक्टर ने तहसीलदार को भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा,
“आज ही नाली सीधी बनवाओ, नहीं तो कार्रवाई होगी। बहुत हो गया, हम जनता के लिए काम करते हैं, नेताओं के लिए नहीं।”
कलेक्टर के इस कड़े तेवर से राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। तहसीलदार को मौके पर मौजूद रहकर नाली निर्माण को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता को जलभराव और गंदगी की समस्या से राहत मिल सके।
प्रशासन की इस कार्रवाई को आम लोगों ने सराहा है और उम्मीद जताई है कि अब विकास कार्यों में मनमानी और दबाव की राजनीति पर अंकुश लगेगा।




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