कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए तीन चीते, संख्या बढ़कर 32

अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन

श्योपुर। अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में तीन और चीतों को खुले वन क्षेत्र में छोड़ा गया। इनमें मादा चीता ‘वीरा’ और उसके दो शावक शामिल हैं। इस पहल के साथ राज्य में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है, जिसमें गांधीसागर अभयारण्य के तीन चीते भी सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों के अनुरूप मध्यप्रदेश में चीतों का सफल पुनर्स्थापन हुआ है। उन्होंने बताया कि कूनो में अब धरती पर जन्मी तीसरी पीढ़ी के चीते भी स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे हैं। हाल ही में जन्मी मादा चीता ‘मुखी’ के पांच शावक पूर्णतः स्वस्थ हैं, जो प्रदेश के लिए सुखद उपलब्धि है।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि कूनो नेशनल पार्क अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुका है। चीतों के पुनर्वास से प्रदेश में पर्यटन में पाँच गुना बढ़ोतरी हुई है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंबल अंचल का स्वच्छ वातावरण वन्यजीव संरक्षण के लिए आदर्श है और प्रदेशवासी चीतों के साथ सामंजस्य बनाते हुए प्रेमपूर्वक रहना सीख चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्नत रेडियो ट्रेकिंग प्रणाली और समर्पित टीमों द्वारा चीतों की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस वैश्विक उपलब्धि के लिए बधाई दी।

कार्यक्रम में वर्ष–2026 के कूनो राष्ट्रीय उद्यान कैलेंडर और ‘फील्ड मैन्युअल फॉर क्लिनिकल मैनेजमेंट ऑफ फ्री-रेंजिंग चीताज़’ पुस्तक का विमोचन किया गया। साथ ही नव-निर्मित सोवेनियर शॉप का लोकार्पण भी किया गया।

इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री एवं श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राकेश शुक्ला, वन राज्यमंत्री श्री दिलीप सिंह अहिरवार, पूर्व वन मंत्री श्री रामनिवास रावत, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने ग्राम अहेरा में ग्रामीण महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनकी सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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