आरबीआई ने रेपो रेट घटाई, EMI होगी कम लोन हुए सस्ते, RBI ने ब्याज दर में की कटौती


आरबीआई ने घटाई रेपो रेट, लोन लेने वालों को मिलेगी राहत

नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कमी कर दी है। नए संशोधन के बाद रेपो रेट 5.25% पर आ गई है। यह फैसला शुक्रवार सुबह आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा के दौरान सुनाया।

गवर्नर के अनुसार इस वर्ष की पहली छमाही में 2.2% महंगाई दर और 8% की मजबूत आर्थिक वृद्धि को देखते हुए यह कटौती की गई है। रिज़र्व बैंक ने मौद्रिक नीति के रुख को ‘न्यूट्रल’ ही बनाए रखा है।

गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि ग्रामीण मांग लगातार मजबूत है और शहरी क्षेत्रों में भी खपत में तेजी लौट रही है। प्राइवेट सेक्टर इंवेस्टमेंट और बैंकिंग क्रेडिट में सुधार के चलते निवेश गतिविधियाँ तेज बनी हुई हैं।

GDP ग्रोथ अनुमान में सुधार

RBI ने वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP वृद्धि अनुमान को 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है।
इसके अलावा—

Q3 (FY26) का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7%

Q4 (FY26) का अनुमान 6.2% से बढ़ाकर 6.5%

FY27 Q1 अनुमान 6.7%

FY27 Q2 अनुमान 6.8% तय किया गया है

होम व कार लोन हो सकते हैं सस्ते

रेपो रेट में कटौती का सीधा असर बैंकों के उधार देने की दरों पर पड़ेगा। इससे

होम लोन
ऑटो लोन
पर्सनल लोन

की ईएमआई में कमी की संभावना बढ़ गई है। ब्याज दरों में राहत मिलते ही उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता और मजबूत होने की उम्मीद है।

क्या है रेपो रेट?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर बैंक, आरबीआई से कर्ज लेते हैं। इसमें कमी आने पर बैंक भी ग्राहकों को कम ब्याज पर लोन दे सकते हैं।

कुल मिलाकर, आरबीआई का यह फैसला महंगाई नियंत्रण और आर्थिक विकास—दोनों को साधने की दिशा में संतुलित कदम माना जा रहा है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि इससे आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों में और तेजी देखी जा सकती है।

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