मूल्य से अधिक दर पर खाद और यूरिया बेचने वाले हर्षित कृषि सेवा केंद्र का लाइसेंस रद्द

अनुविभागीय अधिकारी की पहल पर कृषि विभाग ने की निर्णायक कार्रवाई, किसानों में संतोष
आनंदपुर। किसानों से मूल्य से अधिक दरों पर यूरिया और डीएपी खाद बेचने के आरोप में हर्षित कृषि सेवा केंद्र, आनंदपुर के खिलाफ आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शिकायत की जांच पूरी होने के बाद कृषि विभाग ने केंद्र का लाइसेंस निलंबित (रद्द) कर दिया है।

इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर है, जबकि प्रशासन की तत्परता की सराहना की जा रही है।

शिकायत पर हुई थी जांच की शुरुआत

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता रामेश्वर मीणा ने अनुविभागीय अधिकारी नितिन जैन को लिखित आवेदन देकर बताया था कि आनंदपुर स्थित हर्षित कृषि सेवा केंद्र किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर यूरिया और डीएपी खाद बेच रहा है।
किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह मामला कृषि विभाग की लापरवाही और नियमों के उल्लंघन का गंभीर उदाहरण माना गया।

एसडीएम कार्यालय द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के निर्देश जारी किए गए, जिसके बाद कृषि विस्तार अधिकारी, लटेरी ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य

जांच प्रतिवेदन के अनुसार, सेवा केंद्र संचालक द्वारा यूरिया और डीएपी खाद की बिक्री निर्धारित सरकारी दर से अधिक मूल्य पर की जा रही थी।
इसके अलावा, रिकॉर्डों में भी कई विसंगतियाँ पाई गईं। खाद वितरण रजिस्टर में कई प्रविष्टियाँ अपूर्ण थीं अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख किया कि यह कार्य उर्वरक नियंत्रण आदेश (Fertilizer Control Order) का उल्लंघन है और इस पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है।

जिला कृषि अधिकारी ने की निर्णायक कार्रवाई

कृषि विस्तार अधिकारी की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सेवा केंद्र का लाइसेंस निलंबित (सस्पेंड) कर दिया। कृषि विभाग ने साथ ही क्षेत्र के अन्य सेवा केंद्रों को भी चेतावनी दी है कि यदि किसी द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद या यूरिया बेचे जाने की शिकायत मिली, तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों में संतोष, कहा— न्याय हुआ

शिकायतकर्ता रामेश्वर मीणा ने बताया कि “यह कार्रवाई किसानों के हक में बड़ा कदम है। किसानों से अधिक पैसे लेकर खाद बेचना सीधा शोषण है। प्रशासन ने सही समय पर कार्रवाई कर न्याय दिलाया है।”

अब अन्य केंद्रों पर भी निगरानी,

सूत्रों के मुताबिक, कृषि विभाग अब क्षेत्र के सभी निजी सेवा केंद्रों और विक्रेताओं की अचानक जांच की योजना बना रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी व्यापारी किसानों के साथ मनमानी न कर सके।
प्रशासन का कहना है कि किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ