औचक निरीक्षण में सीएम मोहन यादव सख़्त एमजी रोड थाना पहुंचे मुख्यमंत्री, फीडबैक सिस्टम की सराहना—ग़ैरहाज़िर आरक्षक पर कार्रवाई के आदेश

इंदौर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर प्रवास के दौरान अपने व्यस्त कार्यक्रमों के बीच अचानक एमजी रोड थाने पहुंचकर पुलिस व्यवस्थाओं का औचक निरीक्षण किया। उनके अचानक दौरे से पुलिस विभाग में हलचल मच गई। सीएम ने थाने की कार्यप्रणाली, रजिस्टरों, रिकॉर्ड और तकनीकी प्रक्रियाओं का बारीकी से परीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को इंदौर पुलिस द्वारा आमजन की सुविधा के लिए किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर थाने में आगंतुक रजिस्टर रखा गया है, जिसके आधार पर नागरिकों से फीडबैक लेने के लिए एक विशेष सेक्शन पुलिस कमिश्नर कार्यालय में स्थापित किया गया है। यह सेक्शन प्रतिमाह लगभग पाँच हज़ार लोगों से फोन पर राय लेता है। साथ ही क्यूआर कोड स्कैन कर भी फीडबैक देने की सुविधा उपलब्ध है।

थाने के अंदरूनी कामकाज का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एफआईआर दर्ज करने की कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया देखी और रोजनामचे का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि दोपहर 12 बजे तक रोजनामचे में आखिरी प्रविष्टि सुबह 11.38 बजे की थी। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि थाने आने वाले प्रत्येक नागरिक के साथ संवेदनशील और त्वरित व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

आरक्षक 8 नवंबर से गायब—मुख्यमंत्री ने दिखाई सख़्ती

निरीक्षण के दौरान थाने में तैनात आरक्षक रिंकू सिंह की 8 नवंबर से लगातार गैरमौजूदगी का मामला भी सामने आया। बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई और पुलिस कमिश्नर को मामले का परीक्षण कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने थाने परिसर में खड़े जब्त वाहनों के शीघ्र निष्पादन के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित सिंह एवं राजेश कुमार सिंह मौजूद रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ