विदिशा। शासन द्वारा प्रदत्त अनुदानित उर्वरकों के वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में की गई जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आई हैं। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर गठित जांच दल ने पाया कि कुछ विक्रेताओं द्वारा कृषकों को उनकी निर्धारित पात्रता से अधिक यूरिया विक्रय किया गया है।
जांच में सेवा सहकारी समिति राजपुरहिनोता (विकासखंड कुरवाई), सेवा सहकारी समिति महोटी, तथा मेसर्स बांके बिहारी कृषि सेवा केंद्र लटेरी (विकासखंड लटेरी) को नियमों का उल्लंघन करते पाया गया। यह कृत्य एफसीओ 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 03 के अंतर्गत दंडनीय है।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जिला विदिशा के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर द्वारा संबंधित उर्वरक विक्रेताओं पर ₹5,000 (पाँच हजार रुपये) का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी गई है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति पाए जाने पर उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश हैं कि यूरिया, डी.ए.पी. सहित अन्य अनुदानित उर्वरकों का वितरण कृषकों के धारित रकबे एवं फसल की वास्तविक मांग के अनुसार ही किया जाए।
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