एमपी के 16 नगर निगम आयुक्तों को बड़ा दायित्व, निर्वाचन आयोग ने सौंपी अहम जिम्मेदारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 का कार्य शुरू हो गया है। इसी बीच भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के 16 नगर निगम आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी (Additional District Election Officer) का दायित्व सौंपा है। इन अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में एसआईआर कार्य की निगरानी और सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि इन आयुक्तों की नियुक्ति लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत की गई है। सभी आयुक्त मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की अवधि तक इस पद पर कार्यरत रहेंगे और निर्वाचन कार्य में जिला प्रशासन की सहायता करेंगे।

जिन नगर निगम आयुक्तों को अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी का दायित्व दिया गया है, उनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, सतना, सिंगरौली, सागर, उज्जैन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, कटनी और छिंदवाड़ा के आयुक्त शामिल हैं।

प्रदेश में मंगलवार से एसआईआर का काम शुरू हुआ। पहले दिन ग्वालियर में बीएलओ (BLO) ने घर-घर जाकर गणना फॉर्म वितरित किए। कलेक्टर सत्यम सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण किया। इसी तरह भोपाल और इंदौर में भी कलेक्टरों ने मतदाताओं के पास जाकर अभियान का जायजा लिया।
हालांकि, कुछ जिलों में प्रारंभिक दिक्कतें सामने आईं — उज्जैन में गणना फॉर्म अभी तक नहीं छपे, जबकि धार में फॉर्म का दूसरा पेज प्रिंट नहीं हुआ है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि आयुक्तों की यह नियुक्ति आगामी चुनावी प्रक्रिया को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर निगम आयुक्त अब मतदाता सूची के गहन परीक्षण कार्य में सक्रिय भूमिका निभाएंगे और संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे।

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