लटेरी वन परिक्षेत्र में अवैध कब्जों पर चला बुलडोज़र, 12 अतिक्रमणकारियों पर हुई सख्त कार्यवाही

वन विभाग की सख्त कार्रवाई — 25 हेक्टेयर वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त

लटेरी वन परिक्षेत्र में अवैध कब्जों पर चला बुलडोज़र, 12 अतिक्रमणकारियों पर हुई सख्त कार्यवाही

विदिशा/लटेरी। वन विभाग ने सोमवार को लटेरी वन परिक्षेत्र में एक बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई करते हुए लगभग 25 हेक्टेयर वन भूमि को मुक्त कराया। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्री हेमंत यादव के निर्देशन एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी लटेरी दक्षिण श्री विवेक चौधरी के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 80(अ)(1) के अंतर्गत संपन्न की गई।

जेसीबी मशीन चलकर की गई कार्रवाई 

बीट मुंडेला, कक्ष क्रमांक पी–383 में दर्ज अतिक्रमण प्रकरणों में शामिल 12 अतिक्रमणकारियों द्वारा वन भूमि पर अवैध रूप से फसल बोई जा रही थी। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से इन अवैध फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

इसके बाद वन भूमि के पुनर्स्थापन के लिए विभाग ने कंटूर (Contour) निर्माण कराया ताकि वर्षाजल संरक्षण हो सके और भूमि का क्षरण रोका जा सके। साथ ही, भूमि पर बबूल के बीजों की बुवाई की गई जिससे भविष्य में क्षेत्र का हरित आवरण पुनर्जीवित हो सके। अतिक्रमण की सीमा पर पशु अवरोधक खंती (Trench) भी तैयार की गई ताकि भविष्य में पुनः कब्जा या चराई की संभावना न रहे।

मार्च 2024 में हुआ था विवाद

जानकारी के अनुसार, इन अतिक्रमणकारियों ने 18 मार्च 2024 को वन विभाग की टीम के साथ विवाद किया था। इस घटना के संबंध में थाना लटेरी में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही विभाग इन प्रकरणों की निगरानी में था और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सोमवार को यह निर्णायक कार्रवाई की गई।

प्रशासनिक एवं पुलिस सहयोग से सफल हुआ अभियान

अभियान में एसडीओ (वन) श्री हिमांशु त्यागी, एसडीओपी लटेरी, थाना प्रभारी लटेरी, तहसीलदार लटेरी, पुलिस बल तथा राजस्व विभाग का स्टाफ मौजूद रहा। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त सहयोग से कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई।

वनमंडलाधिकारी का सख्त संदेश

वनमंडलाधिकारी श्री हेमंत यादव ने कहा कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या खेती किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा लगातार अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है ताकि वन क्षेत्र सुरक्षित, संरक्षित और पुनर्जीवित रह सके।

उन्होंने आगे कहा कि वन क्षेत्र केवल पेड़ों के लिए नहीं बल्कि पर्यावरणीय संतुलन, जल संरक्षण और जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक है। विभाग का उद्देश्य है कि हर इंच वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त कर उसे स्थायी हरित आवरण में परिवर्तित किया जाए।

भविष्य की कार्ययोजना

वन विभाग ने अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र में पुनः वृक्षारोपण की योजना बनाई है। इसके अंतर्गत आने वाले वर्षा काल में स्थानीय प्रजातियों जैसे बबूल, नीम, खैर एवं सीसम के पौधे रोपे जाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्र की निगरानी हेतु सीसीटीवी कैमरे एवं स्थानीय वन सुरक्षा समितियों की भूमिका भी सशक्त की जाएगी।

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