कार्यकर्ताओं की तैयारी रही शानदार, नेताजी रहे कार से ही “संपर्क में”
शुभम सोनी आनंदपुर । राजनीति के पुराने खिलाड़ी और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का आज आनंदपुर से गुजरना अपने आप में एक “घटना” बन गया। भोपाल से निकले तो रास्ता तय था — माहा नीम चौराहा, लटेरी, आनंदपुर होते हुए आरोन, और कार्यक्रम भी तय था — “निजी” लेकिन प्रभावशाली।
आनंदपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह से ही फूलमालाएँ सजाए, ढोल बजाए, इंतज़ार में खड़े थे। पर नेताजी ने आज संपर्क का नया तरीका अपनाया — गाड़ी की खिड़की से ही हाथ हिलाकर जनता से जुड़ाव का संदेश दिया।
गाड़ी रुकी, मुस्कान दी, और फिर बढ़ चली आरोन की दिशा में।
कार्यकर्ताओं का जोश ऐसा कि अगर नेताजी उतर जाते, तो शायद फूलों के बोझ से जीप हिल जाती! लेकिन जनता को “दूर से दर्शन” ही नसीब हुए।
उनके पुत्र जयवर्धन सिंह ने उतरकर कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया — इस तरह पार्टी का “प्रतिनिधित्व” भी पूरा हुआ और नेताजी का कार्यक्रम भी नहीं डगमगाया।
आनंदपुर में दिग्विजय सिंह पूर्व विधायक गोवर्धन उपाध्याय के पुत्र सुरेंद्र उपाध्याय के घर पहुँचे, जहाँ स्थानीय कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। चाय–नमकीन के बाद काफिला आगे बढ़ा, और जनता को सिर्फ़ धूल और उम्मीदें छोड़ गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नेताजी का यह “निजी दौरा” दरअसल जनता से दूरी और नज़दीकी – दोनों का संतुलित प्रयोग था।
आनंदपुर में अब यह चर्चा है कि “अगली बार नेताजी शायद गाड़ी से उतर भी जाएँ — अगर कार्यक्रम में थोड़ा जनता-पन बचा रह गया तो।”




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