जियो नेटवर्क ठप, सरकारी कामकाज भी प्रभावित


जियो नेटवर्क ठप, सरकारी कामकाज भी प्रभावित

शिक्षक-शिक्षिकाओं को रोजाना करनी पड़ रही जद्दोजहद, उपभोक्ता बोले—कंपनियां पैसा ले रही, सुविधा नहीं दे रहीं

आनंदपुर। जियो नेटवर्क की बदहाल स्थिति से उपभोक्ताओं का गुस्सा चरम पर है। पिछले एक सप्ताह से नेटवर्क में भारी समस्या बनी हुई है। न कॉल सही से हो रही है, न इंटरनेट चल रहा है। कई बार तो पूरा नेटवर्क ही गायब हो जाता है।

आईटीआई एक्टिविस्ट शुभम सोनी ने बताया कि नेटवर्क की इस समस्या से सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। शासकीय शिक्षक, ग्राम पंचायत सचिव और समितियों के सचिव ऑनलाइन अटेंडेंस तक नहीं लगा पा रहे।

शिक्षक-शिक्षिकाओं की परेशानी

शासकीय प्राथमिक शाला टाडाचक की शिक्षिका मोहनी चौरसिया ने बताया कि खराब नेटवर्क की वजह से अटेंडेंस लगाने में भारी दिक्कत हो रही है। कई बार उन्हें शाम 5 बजे के बाद तक स्कूल में रुकना पड़ता है ताकि हाजिरी दर्ज हो सके।

वहीं माध्यमिक शाला काछीखेड़ा के प्रभारी फून्दीलाल मीणा ने कहा कि एक सप्ताह से जियो का नेटवर्क ठप है। हर दिन अटेंडेंस लगाने में समस्या होती है। उन्होंने बताया कि अन्य कंपनियों का नेटवर्क भी कमजोर है और मजबूरन ऊंचे स्थान पर चढ़कर मोबाइल से अटेंडेंस लगानी पड़ती है।

शासकीय प्राथमिक शाला अमीरगंज के प्रभारी वीरेंद्र सिंह राजपूत ने बताया है कि अटेंडेंस लगाने में बहुत ही समस्या आ रहीं है नेटवर्क खराब होने के कारण 6-6 बजे तक स्कूल में रूक कर ईअटेंडेंस लगाना पड़ रहा है और अगर अटेंडेंस नहीं लगी तो उस दिन का वेतन रोकना तह है इसलिए मजबूरी में समय के बाद भी रूकना पड़ रहा है 

उपभोक्ताओं को हो रहा दोहरा नुकसान

शुभम सोनी ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियां उपभोक्ताओं से पैसा तो पूरा वसूल रही हैं, लेकिन सुविधाएं ढंग से नहीं दे पा रही। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—

> “सभी कंपनियों ने 29, 30 और 31 दिन के महीने को घटाकर 28 दिन का कर दिया है। ऊपर से नेटवर्क भी खराब रहता है, यानी ग्राहक से पूरा पैसा वसूला जा रहा है, लेकिन सेवा आधी-अधूरी मिल रही है।”

शिकायत दर्ज कराना भी टेढ़ी खीर

उपभोक्ताओं ने जियो के 198 और 1991 नंबर पर बार-बार शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन कॉल सेंटर पर AI ऑटोमेटेड सिस्टम शिकायत दर्ज ही नहीं करता। कई बार कॉल कट जाती है और घंटों मशक्कत करनी पड़ती है।

शुभम सोनी ने जियो के ईमेल पर भी लिखित शिकायत भेजी है और मांग की है कि उपभोक्ताओं को फ्री डाटा या वैलिडिटी बढ़ाकर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वह उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करेंगे।

आम जनता बेहाल

ग्रामीण और शहरी दोनों ही इलाकों में लोग परेशान हैं। सरकारी कामकाज, ऑनलाइन क्लास, बैंकिंग सेवाएं और डिजिटल पेमेंट तक प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जियो जैसी बड़ी कंपनी बुनियादी नेटवर्क सुविधा ही नहीं दे पा रही, तो उसका खामियाजा आम उपभोक्ता क्यों भुगते?

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