एमपी बीजेपी में सियासी खींचतान तेज: पोस्टर पॉलिटिक्स से खुली गुटबाजी


भोपाल।
मध्य प्रदेश भाजपा में इन दिनों सियासत का रंग बदलता दिख रहा है। एक तरफ पार्टी आलाकमान अनुशासन और एकजुटता का पाठ पढ़ा रहा है, तो दूसरी तरफ प्रदेश में नेता-कार्यकर्ता खुलेआम गुटबाजी का प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही के दिनों में तीन अलग-अलग घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि अंदरखाने की खींचतान अब सड़क और पोस्टरों तक पहुँच चुकी है।

मुरैना: “सिंधिया को सीएम बनाओ”

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से बड़ी हलचल मुरैना में देखने को मिली। लंबे समय बाद पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के स्वागत में ऐसा पोस्टर लगाया गया, जिसमें उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग की गई। पोस्टर पर लिखा था – “सिंधिया को सीएम बनाओ, नहीं तो अपनी खैर बचाओ।” यह नारा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पार्टी दफ्तर तक गूंज पहुंची।

रीवा: डिप्टी सीएम की अनदेखी

रीवा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी की जन्मशती कार्यक्रम में सीएम की मौजूदगी रही। लेकिन शहर भर में लगे स्वागत पोस्टरों से डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की तस्वीर गायब थी। खुद को उपेक्षित महसूस कर नाराज शुक्ल कार्यक्रम में पहुँचे ही नहीं।

देवास: पोस्टर हटाने से बवाल

देवास में पोस्टर विवाद और गहराया। भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पोस्टर नवरात्रि से पहले लगाए गए थे, लेकिन नगर निगम ने इन्हें हटा दिया। इस पर विधायक पुत्र विक्रम राव समर्थकों के साथ सड़क पर उतर आए और निगम अफसरों को कड़ी चेतावनी दे डाली।

गुटबाजी पर विपक्ष की नजर

भाजपा के भीतर बढ़ते विवादों ने विपक्ष को भी हमलावर होने का मौका दे दिया है। जानकार मानते हैं कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उठ रही आवाजें और पोस्टर पॉलिटिक्स, प्रदेश भाजपा के भीतर गहरी खाई का संकेत हैं।

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