विदिशा। बेटियों के उज्जवल भविष्य और सुरक्षित जीवन के लिए सुकन्या समृद्धि योजना को गति देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने महिला एवं बाल विकास तथा डाकघर अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र लाडली लक्ष्मी योजना की बालिकाओं सहित अन्य पात्र बालिकाओं के खाते समय पर खुलवाए जाएं।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि –
“आओ हम संकल्प लें, बेटा-बेटी में भेदभाव मिटाएं और अपनी बेटी का भविष्य उज्जवल व सुरक्षित बनाएं।”
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा ने बताया –
सुकन्या समृद्धि खाता बालिका के जन्म से 10 वर्ष की आयु तक खोला जा सकता है।
खाता केवल 250 रुपये से खोला जा सकता है।
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये तक की राशि जमा की जा सकती है।
खाते में राशि 15 वर्ष की अवधि तक जमा की जा सकेगी।
यह योजना अन्य सभी बचत योजनाओं की तुलना में अधिक आकर्षक ब्याज दर उपलब्ध कराती है।
परिपक्वता एवं निकासी सुविधा
खाता खोलने की तिथि से 21 वर्ष पूरे होने पर यह परिपक्व होगा।
बेटी के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने या कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने पर उच्च शिक्षा हेतु खाते की 50% राशि निकाली जा सकती है।
18 वर्ष की आयु के बाद विवाह तय होने पर खाता पूर्व-परिपक्व बंद करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
आवश्यक दस्तावेज
बेटी की जन्मतिथि प्रमाण पत्र
बेटी एवं अभिभावक का आधार कार्ड
दो पासपोर्ट साइज फोटो
यह योजना बेटियों के उज्जवल भविष्य को सुरक्षित बनाने के साथ ही समाज में बेटा-बेटी के बीच समानता को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है।




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