भोपाल। मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के घरों पर लग रहे प्री-पेड स्मार्ट मीटर अब 2028 तक स्थापित किए जाएंगे। बिजली कंपनियों की धीमी गति और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मप्र विद्युत नियामक आयोग ने कंपनियों की मांग स्वीकार करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने की समय सीमा तीन साल बढ़ा दी है।
आरडीएसएस योजना के तहत यह काम किया जा रहा है। योजना के मुताबिक दिसंबर 2023 से मार्च 2025 तक सभी मीटर लगाने का लक्ष्य था, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर भारी मांग, ठेके रद्द होने, टेंडर प्रक्रिया में देरी और कंपनियों की आपूर्ति की समस्या के चलते समय पर काम पूरा नहीं हो सका।
पहले चरण में लगेंगे 58 लाख मीटर
आयोग ने बिजली कंपनियों को चरणबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। पहले चरण में 58.65 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है।
ईस्ट डिस्कॉम को जून 2026 तक 25.90 लाख मीटर लगाने होंगे।
वेस्ट डिस्कॉम को मार्च 2026 तक 11.75 लाख मीटर लगाने होंगे।
सेंट्रल डिस्कॉम को अप्रैल 2027 तक 20.99 लाख मीटर लगाने होंगे।
इसके बाद दूसरे चरण में 82 लाख से अधिक मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे 31 मार्च 2028 तक पूरा करना होगा।
आयोग ने दिए निर्देश
नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों से कहा है कि पुराने, जले या रुके हुए मीटरों के स्थान पर अस्थायी मीटर लगाने की ठोस व्यवस्था करें, ताकि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति और कंपनियों के राजस्व की सुरक्षा बनी रहे।
प्रदेश में कुल 1.37 करोड़ स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 38.47 लाख मीटर पहले चरण और 99.22 लाख मीटर दूसरे चरण में लगाए जाने हैं। अब तक 54.90 लाख मीटर फेज-1 में अवार्ड हो चुके हैं, जबकि शेष 82.78 लाख मीटर फेज-2 के लिए टेंडर जारी होना बाकी है।
किस डिस्कॉम को कितने मीटर
ईस्ट डिस्कॉम: 56.5 लाख स्वीकृत, 25.9 लाख फेज-1 में टेंडर।
सेंट्रल डिस्कॉम: 41.3 लाख स्वीकृत, 21 लाख फेज-1 में टेंडर।
वेस्ट डिस्कॉम: 39.8 लाख स्वीकृत, 11.7 लाख फेज-1 में टेंडर।
आयोग ने साफ किया है कि कंपनियां बिना किसी व्यावधान के समयसीमा के भीतर स्मार्ट मीटर स्थापना की प्रक्रिया पूरी करें।




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