जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने छतरपुर कलेक्टर पार्थ जायसवाल पर सख्त टिप्पणी करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति एम.एस. भट्टी की एकलपीठ ने सोमवार को सुनवाई के दौरान दिया।
क्या है मामला
छतरपुर के देवकीनंदन वर्मा ने ग्रेच्युटी भुगतान को लेकर ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए ग्रेच्युटी की राशि अदा करने का आदेश दिया था। इसके साथ ही रिकवरी सर्टिफिकेट (RRC) भी जारी की गई थी, जिसका पालन कलेक्टर को कराना था।
याचिकाकर्ता के वकील अभय पांडे ने बताया कि हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर 2024 को छतरपुर कलेक्टर को निर्देश दिए थे कि 60 दिन के भीतर ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद आदेश का पालन नहीं हुआ।
अवमानना याचिका पर सुनवाई
आदेश की अवहेलना को लेकर अवमानना याचिका दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने 7 अगस्त को कलेक्टर को पालन कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके न तो रिपोर्ट पेश हुई और न ही कलेक्टर अदालत में हाजिर हुए।
कोर्ट की नाराजगी
सुनवाई के दौरान इस रवैये पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई और कलेक्टर छतरपुर को 10 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।




0 टिप्पणियाँ