विदिशा। केंद्रीय किसान कल्याण एवं कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा जिले के अल्प प्रवास के दौरान विकासखंड विदिशा के ग्राम छीरखेड़ा पहुँचकर किसानों से संवाद किया और खरीफ फसलों की स्थिति की जानकारी ली।
गाँव के किसानों ने मंत्री श्री चौहान के समक्ष सोयाबीन की अफलन और असरहीन दवाओं के कारण फसल नष्ट होने की शिकायत दर्ज कराई। इसी दौरान मंत्री श्री चौहान ने किसान श्री भगवान सिंह लोधी के खेत का निरीक्षण कर दवा छिड़काव से क्षतिग्रस्त हुई सोयाबीन फसल को देखा।
किसानों से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिकायतें मिल रही थीं कि दवा छिड़काव के बाद सोयाबीन की फसल जलकर नष्ट हो गई है, इसलिए उन्होंने स्वयं खेतों का निरीक्षण करने का निर्णय लिया। उन्होंने किसानों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि इस कठिन परिस्थिति में वे अकेले नहीं हैं और सरकार हरसंभव मदद करेगी।
मीडिया से बातचीत में मंत्री श्री चौहान ने कहा कि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और खेतों में सोयाबीन की जगह खरपतवार दिखाई दे रहा है। यह स्थिति किसी कंपनी द्वारा बेची गई दवा के कारण बनी है। इस संबंध में उच्चस्तरीय वैज्ञानिक दल जाँच करेगा और दोषी कंपनी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों को राहत पहुँचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जाएगी और देशभर में घटिया व नकली दवाओं की बिक्री करने वाली कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
इस मौके पर कृषि विभाग के उप संचालक श्री के.एस. खपेड़िया ने जानकारी दी कि दिल्ली की कीटनाशक दवा निर्माता कंपनी एचपीएम द्वारा तैयार बायोक्लोर निदानाशक दवा (बैच नंबर KE 04) के छिड़काव से फसलें प्रभावित हुई हैं। इस मामले में कलेक्टर के निर्देशानुसार जाँच कर दवा कंपनी के विरुद्ध पुलिस में प्रकरण दर्ज कराया जा चुका है।
निरीक्षण के दौरान विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, किसानबंधु, एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।




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