विदिशा, 17 जुलाई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार के निर्देशन में दस्तक अभियान प्रथम चरण सह स्टॉप डायरिया कैंपेन के अंतर्गत विकासखंड नटेरन और बासौदा के सीएचओ एवं एएनएम को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शहर के एक निजी होटल में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण में राज्य स्तर से आए डॉ. दीपक गंभीर ने डिसीजन सपोर्ट सिस्टम ऐप का उपयोग करते हुए शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों की स्क्रीनिंग, उपचार एवं गंभीर मामलों में रेफरल की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यह ऐप लक्षणों के आधार पर दवा का नाम, डोज़ और आयु के अनुसार उपचार की जानकारी देता है, जिससे सीएचओ और एएनएम को फील्ड में बच्चों का इलाज करने में सुविधा होती है।
कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद मिश्रा ने निमोनिया की पहचान, लक्षण, कारण, बचाव, उपचार और प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉ. डी.के. शर्मा ने दस्तक अभियान और स्टॉप डायरिया कैंपेन का परिचय एवं उसका महत्व बताया। बीएस दांगी ने डायरिया के लक्षण, कारण, रोकथाम, जिंक और ओआरएस का उपयोग और उनकी मात्रा के बारे में प्रशिक्षण दिया।
अदाणी फाउंडेशन की श्रीमती अभिलाषा ने विभिन्न आयु वर्गों के बच्चों के लिए पोषण आहार की विधि, मात्रा और खुराक की जानकारी दी। डॉ. राकेश पंथी ने एचबीएनसी और एचबीबी पर प्रशिक्षण दिया तथा श्री नीरज कुमार शर्मा ने कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और प्रबंधन के उपायों पर जानकारी साझा की।
यह दस्तक अभियान एवं स्टॉप डायरिया कैंपेन 22 अगस्त से 16 सितम्बर 2025 तक जिले भर में स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त समन्वय से संचालित किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य बच्चों में होने वाली बीमारियों की समय पर पहचान कर इलाज सुनिश्चित करना और बाल मृत्यु दर में कमी लाना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ताओं, आशा सुपरवाइजरों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अभियान की जानकारी देकर प्रशिक्षित करें, ताकि अभियान की सफलता सुनिश्चित की जा सके।




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