गांव के निवासी ब्रह्मदास अहिरवार (50), जो माता मूडरा हाई स्कूल में कला विषय के शिक्षक थे, का गांव में एक बीघा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। राजस्व विभाग द्वारा हाल ही में सीमांकन कर जमीन का कब्जा ब्रह्मदास को सौंपा गया था। इसके बावजूद, दूसरे पक्ष के लोग जमीन पर अवैध कब्जा करना चाह रहे थे।
शनिवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद ब्रह्मदास गांव के बाहर स्थित अपने वेयरहाउस पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के पूर्व सरपंच रघुवीर कोरी और उसके साथियों ने उन पर फरसे, लुहांगी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में ब्रह्मदास गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके बेटे सत्या अहिरवार और कर्मचारी निक्की जाटव भी हमले में बुरी तरह जख्मी हो गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
ब्रह्मदास को परिजन आनन-फानन में अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। उनके बेटे और कर्मचारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
आरोपियों पर लगे आरोप
परिवार ने गांव के पूर्व सरपंच रघुवीर कोरी, वीर सिंह, भद्दू, अमर सिंह, दिमान सिंह, लखन, संतोष, कमल सिंह, सोनू और रवि पर हमले का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि हमले में दूसरे पक्ष के कुछ लोग भी घायल हुए हैं।
प्रदर्शन और प्रशासन की कोशिशें
हत्या से आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे। मौके पर SDM, SDOP और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और देर रात तक प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।
जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है ताकि गांव में शांति बनी रहे।




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