विधायक उमाकांत शर्मा ने सिरोंज जिले के लिए प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग को सौंपा प्रस्ताव


विधायक उमाकांत शर्मा ने सिरोंज जिले के लिए प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग को सौंपा प्रस्ताव

एस.एन. मिश्रा से मिले सिरोंज विधायक, जिला बनाने की मांग पर मिला आश्वासन

सिरोंज को जिला घोषित करने हेतु ऐतिहासिक और प्रशासनिक तर्कों के साथ सौंपा गया प्रस्ताव

लटेरी-सिरोंज की दूरी और अव्यवस्था के चलते नई जिला इकाई की मांग प्रबल

‘सिरोंज को जिला बनाओ’, विधायक ने ऐतिहासिक व सामाजिक आधार पर की अपील


सिरोंज, मध्यप्रदेश – सिरोंज विधायक श्री उमाकांत शर्मा ने सिरोंज को जिला घोषित करने की मांग को लेकर प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री एस.एन. मिश्रा से मुलाकात की। इस दौरान विधायक शर्मा ने विस्तृत मांग पत्र सौंपते हुए सिरोंज को जिला मुख्यालय बनाने के पक्ष में ऐतिहासिक, भौगोलिक, सामाजिक, शैक्षणिक और प्रशासनिक आधारों पर मजबूत दावे प्रस्तुत किए।

विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा कि वर्तमान में सिरोंज एवं लटेरी की जिला मुख्यालय विदिशा से दूरी अत्यधिक है और क्षेत्र में रेल सुविधा भी नहीं है, जिससे आम नागरिकों को प्रशासनिक कार्यों के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सिरोंज पूर्व में टोंक स्टेट एवं राजपुताना क्षेत्र में जिला रहा है, जिससे इसका ऐतिहासिक महत्व भी स्थापित होता है।

मांग पत्र में प्रस्तावित सिरोंज जिले में आनंदपुर, लटेरी, पथरिया, शमशाबाद और कुरवाई तहसीलों को शामिल करने की सिफारिश की गई है। विधायक शर्मा ने कहा कि सिरोंज क्षेत्र शैक्षणिक और सांस्कृतिक रूप से भी विकसित है और जिला बनने की सभी आवश्यकताओं को पूर्ण करता है।

श्री एस.एन. मिश्रा ने विधायक की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि नियमानुसार सभी तथ्यों का परीक्षण कर समय पर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा। मिश्रा जी मध्यप्रदेश शासन के गृह, नर्मदा घाटी, सिंचाई विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों में अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव के पदों पर कार्य कर चुके हैं, और उनकी प्रशासनिक विशेषज्ञता इस प्रस्ताव के मूल्यांकन में सहायक सिद्ध होगी।

इस पहल से सिरोंज को जिला बनाने की मांग को नई गति मिली है और क्षेत्र की जनता में आशा की नई किरण जगी है।

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