भोपाल। मध्यप्रदेश की धरती एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के टिकरवारा गांव से प्रदेश की लाड़ली बहनों सहित विभिन्न हितग्राहियों को 2500 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि का तोहफा दिया। एक सिंगल क्लिक से अंतरित इस राशि ने सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल पर उतारने का एक और उदाहरण पेश किया।
"हर बहन को उसका वाजिब हक मिलेगा" – सीएम डॉ. यादव
मुख्यमंत्री ने साफ कहा, "हमारी सरकार माताओं-बहनों के हक के लिए पूरी ताकत से खड़ी है। आधी आबादी की भागीदारी के बिना राज्य का सामाजिक और आर्थिक विकास अधूरा है।" उन्होंने बताया कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण का लाभ मिलेगा, वहीं राज्य सरकार पहले ही निकाय चुनावों में महिलाओं को 50% आरक्षण दे चुकी है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना के तहत 1.27 करोड़ बहनों को 1562.36 करोड़ रुपये, 56.68 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 340 करोड़ रुपये और उज्ज्वला योजना के अंतर्गत 25 लाख बहनों को रिफिलिंग हेतु 57 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की।
मुख्यमंत्री ने मंडला को 232 करोड़ रुपये के 66 विकास कार्यों की सौगात दी। सुरखी-इंदी मार्ग पर 16.61 करोड़ की लागत से पुल निर्माण और बजर नदी पर बने पुल का नाम अमर शहीद शंकर शाह रघुनाथ शाह सेतु रखा गया।
लाड़ली बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता
डॉ. यादव ने कहा, “हर महीने बहनों के खातों में भेजी जा रही राशि रक्षाबंधन का प्रतीक है। यदि बहनों के हाथ में पैसा हो, तो वह पूरे घर का बेहतर प्रबंधन करती हैं।” महिलाओं को उज्ज्वला योजना, पक्के मकान और अब सस्ती रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
किसानों के लिए सौर ऊर्जा और सहकारिता योजना
सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर पंप दे रही है, जिससे 5 से 10 हॉर्स पॉवर पंप वाले किसान लाभान्वित होंगे। साथ ही, सरकार किसानों से अतिरिक्त बिजली खरीदेगी। सहकारिता के माध्यम से पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए 25 गाय-भैंस पालन पर 25% अनुदान और गौशालाओं के लिए अनुदान राशि को 20 से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है।
1100 नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह में 1100 से अधिक नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया गया। प्रत्येक जोड़े को 49,000 रुपये की राशि प्रदान की गई। डॉ. यादव ने समाज से दहेज प्रथा और मृत्यु भोज जैसी कुरीतियों से दूर रहने का आग्रह किया और शिक्षा को सर्वोपरि बताया।
सीएम का संदेश – पढ़ाई ही असली राष्ट्र सेवा है
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि बच्चों को पढ़ाएं-लिखाएं, उन्हें आत्मनिर्भर बनाएं। एक सुसंस्कृत और शिक्षित बच्चा ही समाज और राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभा सकता है। यही सच्ची राष्ट्र सेवा है।
समापन में संदेश –
डॉ. मोहन यादव का यह जनसंपर्क और कल्याणकारी योजनाओं का मेल, प्रदेश को विकास के नए शिखर की ओर ले जाने का संकल्प है। ‘हर बहन सशक्त, हर किसान आत्मनिर्भर और हर युवा समर्थ’ – यही है "मोहन सरकार का संकल्प, सबका साथ, सबका विकास।"




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