"ये मेरा आखिरी कॉल है, अगली बार फेस टू फेस बात करूंगा..."
इस बातचीत में सांसद का लहजा सख्त था, और उन्होंने कलेक्टर को चेतावनी भरे अंदाज में यह बात कही। सांसद, कलेक्टर के ‘सर-सर’ कहने के बावजूद, बातों से संतुष्ट नहीं हुए।
इस मामले को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि इससे प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के रिश्तों की संवेदनशीलता और आपसी टकराव का संकेत मिलता है।
मामला मध्यप्रदेश के देवास जिले का है, जहां देवास-शाजापुर से बीजेपी सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी और देवास कलेक्टर के बीच फोन पर बातचीत का है।
मामले की मुख्य बातें:
देवास शहर में एक नई शराब दुकान मंदिर के पास खोली गई है।
स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं क्योंकि यह धार्मिक स्थल के बेहद पास है।
इस मुद्दे पर सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी ने देवास कलेक्टर को फोन किया।
कॉल में सांसद ने नाराज़गी जताते हुए कहा:
"ये मेरा आखिरी कॉल है, अगली बार फेस टू फेस रोड पर बात होगी..."
देवास शहर में बस स्टैंड से कुछ ही दूरी पर एबी रोड स्थित बिहारीगंज इलाके में भगवान भूतनाथ मंदिर के पास एक नई शराब दुकान खोली गई है। इस दुकान के खुलते ही स्थानीय रहवासियों में नाराजगी फैल गई। उनका कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल के पास शराब दुकान होना न केवल धार्मिक भावनाओं के खिलाफ है, बल्कि क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रहवासियों ने कई बार प्रशासन से शिकायतें कीं और दुकान हटाने की मांग उठाई, लेकिन किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर लोग बीजेपी सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी से मिलने पहुंचे और अपनी परेशानी बताई।
इसके बाद सांसद ने देवास कलेक्टर को फोन लगाया और स्पष्ट लहजे में कहा:
कलेक्टर पूरे समय "सर-सर" कहकर बात को शांत करने की कोशिश करते रहे, लेकिन सांसद का लहजा कड़ा बना रहा।
यह घटना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तनाव और संवाद की शैली को उजागर करती है। साथ ही, इससे यह सवाल भी उठता है कि धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें खोलना कितना उचित है और प्रशासन को स्थानीय भावना का कितना ध्यान रखना चाहिए।




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