"संकटमोचन के जयकारों से गूंजेगे मंदिर

शुभम सोनी विदिशा। हनुमान जन्मोत्सव हिन्दू धर्म में अत्यंत पावन और श्रद्धा से भरा हुआ पर्व है, जिसे संकटमोचन भगवान हनुमान जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो भक्तों के लिए आस्था, भक्ति और शक्ति का प्रतीक है।

हनुमान जी को शिव का रुद्रावतार माना जाता है। वह भगवान राम के परम भक्त, अपार बल, बुद्धि और भक्ति के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें निःस्वार्थ सेवा, विनम्रता, साहस और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा की प्रेरणा देता है।

हनुमान जन्मोत्सव के दिन भक्त व्रत रखते हैं, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामायण का पाठ करते हैं। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और झांकियों का आयोजन होता है।

इस दिन हमें हनुमान जी के गुणों को आत्मसात कर, अपने जीवन में श्रद्धा, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

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