स्थानीय निवासी निरंजन चिढ़ार को गांव के पास गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने खेतों की ओर दो बाइकों की रोशनी भी देखी। संदेह होने पर उन्होंने तुरंत गांव के चौकीदार मान सिंह और सरपंच धन सिंह यादव को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर शिकारियों का पीछा किया।
पीछा करने के दौरान शिकारियों की दो बाइकों में टक्कर हो गई, जिससे एक शिकारी मौके से भाग निकला। दूसरा शिकारी, जिसकी पहचान मजहर के रूप में हुई है, ने निरंजन पर बंदूक तान दी और जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद सरपंच धन सिंह यादव और अन्य ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए उसे काबू में कर लिया और उसकी बंदूक छीन ली।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में पाया कि मजहर के पास जो बंदूक थी, वह अवैध थी। उसके पास कोई लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मजहर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 351(3), 3(5) और आयुध अधिनियम की धारा 25 व 27 के तहत मामला दर्ज किया है।
इस घटना से ग्रामीणों ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि आम नागरिक जागरूक और संगठित हों, तो किसी भी अपराध को रोका जा सकता है। पुलिस अब फरार शिकारी की तलाश में जुटी है। वन विभाग भी मामले की जांच में शामिल हो गया है ।




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