केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने फार्महाउस का दौरा किया और खेतों में उग रही फसलों का निरीक्षण किया। आम के पेड़ों पर फलों को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई, वहीं टमाटर की फसल की स्थिति पर संतोष जाहिर किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि गर्मी के मौसम में टमाटर के दाम बढ़ेंगे, जिससे किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिलेगा।
फार्मर आईडी किसानों की आधार-आधारित डिजिटल पहचान है, जिसे डिजिटल कृषि मिशन के अंतर्गत शुरू किया गया है। यह आईडी राज्य की भूमि रिकॉर्ड प्रणाली से जुड़ी होती है और किसान की जमीन, फसल, मिट्टी की जानकारी, परिवार से जुड़े विवरण आदि को एक स्थान पर सुरक्षित करती है।
फायदे जो बदलेंगे किसान की दुनिया:
किसान मोबाइल पर अपनी जमीन का खसरा नंबर, फसल और मिट्टी से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे।
मिट्टी में किस पोषक तत्व की कमी है, यह भी पता चल सकेगा।
बीमा क्लेम के लिए फसल की फोटो खींचकर पोर्टल पर अपलोड की जा सकेगी।
कोई अन्य व्यक्ति किसान की जमीन या फसल पर दावा नहीं कर पाएगा।
सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और आसानी से मिल सकेगा।
फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, राशन कार्ड/फैमिली आईडी और जमीन से जुड़े दस्तावेज देने होंगे।
मंत्री चौहान ने कहा, “प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह एक बड़ा बदलाव है। हर किसान को इससे जुड़ना चाहिए ताकि देश की कृषि को डिजिटल और सशक्त बनाया जा सके।”




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