नवागत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज कलेक्ट्रेट के बेतवा सभाकक्ष में कृषि विभाग द्वारा जिले में संचालित योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर उन्होंने दलहन फसलों के क्षेत्र विस्तार, उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश कृषि अधिकारियों को दिए।
बैठक में विदिशा, ग्यारसपुर और नटेरन के समस्त विकासखंड कृषि अधिकारी सीधे उपस्थित रहे, जबकि बासौदा, सिरोंज, कुरवाई और लटेरी के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। उपसंचालक कृषि श्री के.एस. खपेड़िया ने विभागीय योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रबी फसलों की कटाई के बाद यह समय मिट्टी परीक्षण के लिए उपयुक्त है, अतः किसानों को प्रेरित कर अधिक से अधिक मिट्टी के नमूने लिए जाएं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर कृषि उत्पादन में वृद्धि संभव है।
दलहन फसलों के रकबे में वृद्धि के निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि देश में दलहन की खपत के मुकाबले उत्पादन कम है, ऐसे में मूंग, उड़द, अरहर, चना, मसूर जैसी फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाना जरूरी है। उन्होंने किसानों को उन्नत किस्मों के उपयोग के लिए प्रेरित करने और अधिक उपज देने वाली किस्मों के चयन पर बल दिया।
कृषि आदान सामग्री की उपलब्धता की समीक्षा
बैठक में खरीफ सीजन को देखते हुए बीज, उर्वरक (यूरिया, डीएपी आदि) और पौध संरक्षण दवाओं की उपलब्धता एवं भंडारण की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि योजनाओं का लाभ सभी पात्र किसानों को बारी-बारी से दिया जाए और एक ही परिवार को बार-बार लाभ न मिले। उन्होंने किसान कॉल सेंटर जैसे टोल फ्री नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।
पंचायत विभाग और कृषि विभाग के समन्वय पर जोर
बैठक में उपस्थित जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया ने पंचायत विभाग की योजनाओं को कृषि विभाग के साथ समन्वित करते हुए किसानों के हित में काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
यह समीक्षा बैठक जिले के कृषि क्षेत्र में नवाचार, समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है।




0 टिप्पणियाँ