टीका-फलदान में दाल बाफले की जगह लड़की वालों ने मांगा मुर्गा, जमकर चले लाठी-डंडे

ग्राम जावती में दो पक्षों के बीच विवाद, दोनों ओर से थाने में रिपोर्ट दर्ज
आनंदपुर/जावती। शादी-ब्याह की रस्में आमतौर पर आपसी प्रेम और रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम होती हैं, लेकिन जब बात खाने की हो जाए तो यह रस्में कभी-कभी विवाद का कारण भी बन जाती हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है आनंदपुर के समीप ग्राम जावती में, जहां टीका-फलदान के मौके पर दाल बाफले की जगह मुर्गा-बकरा न मिलने पर ऐसा विवाद भड़क गया कि बात लाठी-डंडों तक पहुंच गई।

घटना रविवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है, जब ग्राम उहर देहरी से लड़की वाले टीका-फलदान की रस्म निभाने हरि सिंह अहिरवार के घर ग्राम जावती पहुंचे थे। लड़की पक्ष के भैया लाल अहिरवार ने बताया कि वे 20 हजार रुपये का टीका-फलदान लेकर पहुंचे थे, लेकिन वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका मजाक उड़ाते हुए पूछा कि “गाड़ी-वाड़ी लाए हो कि नहीं? 20 हजार में क्या होगा?”

भैया लाल का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति बताई, तो वहां मौजूद कुछ लोग गाली-गलौज पर उतर आए और अचानक हमला कर दिया। इस विवाद में दोनों पक्षों के चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। मामले की पुष्टि करते हुए आनंदपुर थाने के प्रधान आरक्षक दयाराम ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

"हमें मुर्गा-बकरा चाहिए... ये क्या खाएंगे?"

इस घटना पर लड़के पक्ष के हरि सिंह के भतीजे लालाराम अहिरवार का कहना है कि उन्होंने पूरी निष्ठा से करीब 50-60 लोगों के लिए शुद्ध दाल बाफला भोजन तैयार कराया था। लेकिन लड़की पक्ष के कुछ सदस्य, जो नशे की हालत में थे, ने दाल बाफला को नकारते हुए कच्ची रोटी मांगी। जब उनके लिए रोटियां बनाई गईं तो उन्होंने उन्हें भी फेंक दिया और मांग करने लगे कि हमें मुर्गा-बकरा चाहिए, "यह क्या खाएंगे?"

रिश्तेदारों के बीच शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।

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