विदिशा। जिले में खेतों में नरवाई (फसल के अवशेष) जलाने के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। अब तक 722 किसानों पर कुल 26 लाख 46 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है, वहीं 9 किसानों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है।
सबसे अधिक मामले सिरोंज तहसील से सामने आए, जहां 208 मामलों में 6 लाख 58 हजार 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। पठारी तहसील में 116 मामलों में 6.90 लाख, विदिशा नगर में 40 मामलों में 2.20 लाख, विदिशा ग्रामीण में 57 मामलों में 1.42 लाख, नटेरन में 85 मामलों में 2.11 लाख और कुरवाई में 48 मामलों में 2.40 लाख रुपए का जुर्माना तय किया गया। त्योंदा तहसील में सबसे कम 5 मामले आए, जिन पर 12,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
एफआईआर के मामले विदिशा ग्रामीण में सर्वाधिक 7 दर्ज हुए, जबकि विदिशा शहरी और सिरोंज में एक-एक एफआईआर दर्ज की गई। जुर्माने की राशि भूमि के आकार के आधार पर तय की गई है—2 एकड़ तक की भूमि पर 2,500 रुपए, 2 से 5 एकड़ पर 5,000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15,000 रुपए प्रति घटना के हिसाब से जुर्माना वसूला जा रहा है।
मरखेड़ा में किसानों ने लिया नरवाई न जलाने का संकल्प
नटेरन तहसील के मरखेड़ा गांव में आयोजित नरवाई प्रबंधन कार्यशाला में किसानों को भूसा प्रबंधन, सुपर सीडर और डिकंपोसर जैसे विकल्पों की जानकारी दी गई। नायब तहसीलदार पीयूष जैन ने चेतावनी दी कि नरवाई जलाने पर सम्मान निधि रोक दी जाएगी और समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद भी नहीं की जाएगी। कार्यशाला में कृषि अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे, जहां किसानों ने नरवाई न जलाने का संकल्प लिया।
प्रशासन ने सभी किसानों से पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फसल अवशेष जलाने से बचने की अपील की है।




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