बुजुर्ग किसान के लोट लगाने का मामला…कलेक्टर ने बाबू को निलंबित किया

मंदसौर। जनसुनवाई में लोट लगाकर पहुंचे बुजुर्ग का मामला अब तूल पकड़ रहा है। प्रशासन पूरी तरह से बैकफुट पर दिख रहा है। अब कलेक्टर दिलीप यादव ने गुरुवार को सहायक ग्रेड-3 राजेश विजयवर्गीय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विजयवर्गीय पर आरोप है कि जनसुनवाई में लोट लगाकर आ रहे बुजुर्ग को देखते रहे और न तो उन्हें उठाया और न ही मदद की कोशिश की। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने बताया कि 16 जुलाई को जनसुनवाई के दौरान बुजुर्ग शंकरलाल पुत्र फुलचंद निवासी साखतली तहसील सीतामऊ लोट लगाकर सभाकक्ष तक आए थे।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में कर्मचारी राजेश विजयवर्गीय बुजुर्ग को देखते हुए साथ साथ चल रहे थे। एक शासकीय सेवक होने के नाते विजयवर्गीय का यह कर्तव्य था कि आवेदक को न सिर्फ ऐसा करने से रोकते बल्कि उसे उठाकर अपने साथ कलेक्टर के समक्ष लेकर आते, लेकिन ऐसा नहीं करते हुए देखते हुए भी अनभिज्ञ बनकर असंवेदनशीलता का परिचय दिया।

बिना आवेदक की समस्या जाने सभाकक्ष में आकर बैठ गए, जबकि विजयवर्गीय विभाग का प्रतिनिधित्व करते हुए जनसुनवाई में उपस्थित थे। प्रत्येक शासकीय सेवक से यह अपेक्षा की जाती है कि वह ऐसे मामलों में संवेदनशीलता एवं मानवीयता का परिचय दें। आवेदक के साथ-साथ चलना, उसे रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करना विजयवर्गीय की शासकीय सेवक के दायित्वों, कर्तव्य के प्रति असंवेदनशीलता, लापरवाही एवं उदासीनता को प्रदर्शित करता है। इससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। निलंबन अवधि में में विजयवर्गीय का मुख्यालय जिला पंचायत कार्यालय रहेगा। निलंबन अवधि में राजेश विजयवर्गीय को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

प्रशासन की सफाई: बुजुर्ग की कोई जमीन पर कब्जा नहीं
इधर कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने भी एक वीडियो जारी कर कहा है कि शंकरलाल पुत्र फूलचंद की भूमि पर स्वयं आवेदक काबिज है। वस्तु स्थिति के आधार पर किसी भी व्यक्ति, भूमाफिया द्वारा आवेदक की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। आवेदक शंकरलाल द्वारा जनसुनवाई के दौरान जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया। प्रशासन ने परीक्षण कराया।

परीक्षण के बाद आवेदन के संबंध में संबंध में वस्तुस्थिति यह है कि ग्राम सुरखेड़ा स्थित भूमि सर्वे नंबर 604 एवं 625 कुल रकबा 3.52 हेक्टर संयुक्त खातेदार शंकरलाल अनोखीलाल, भगवानबाई, रेशमबाई पुत्री फूलचंद 1/2 एवं संपतबाई बेवा घासीराम, कारूलाल, रामलाल, प्रभुलाल, मांगीबाई, पार्वतीबाई पुत्री घासी हिस्सा 1/2 पर दर्ज रही।

जिसमें से सह खातेदार संपतबाई इत्यादि द्वारा 2010 में अपने हिस्से की भूमि अश्विन पुत्र नारायण देशमुख को विक्रय की गई। भूमि पर अश्विन द्वारा कब्जा नहीं लिया गया है। शंकरलाल अपने 1/2 भूमि पर वर्तमान में काबिज है एवं सह खातेदार संपतबाई इत्यादि द्वारा 2010 में बेची गई भूमि पर भी शंकरलाल का कब्जा आज भी है।

सीतामऊ एसडीएम की ओर से भेजे गए प्रतिवेदन के अनुसार, किसी भी व्यक्ति द्वारा शंकरलाल की जमीन पर कब्जा नहीं किया जा रहा है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा भूमि पर अवैध कब्जे के संबंध में आवेदन दिया जाएगा। उस पर प्रशासन द्वारा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।







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