अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे कमलनाथ कहां की हड़ताल समाप्त करें छः महीने बचे हैं कांग्रेस की सरकार आएगी और हम आपकी मांगो को पूरा करेंगे,




मंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. कमलनाथ ने 5 तारीख में बैठी महिलाओं से कहां है की हड़ताल समाप्त करें ''अगर एमपी में कांग्रेस की सरकार आती है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हर मांग को पूरा किया जाएगा.''


KamalNathMP in Chindwara News: कांग्रेस के पीसीसी चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हनुमान जयंती के मौके पर छिंदवाड़ा स्थित सिमरिया में हनुमानजी के दर्शन करने पहुंचे थे. इसी दौरान 23 दिन से हड़ताल में बैठीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने भी पहुंच गए इसी दौरान उन्होंने धरने पर बैठी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया. जानकारी के लिए आपको बता दें कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रही हैं, जिसकी सुध लेने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहुंचे थे जहां पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महिला कार्यकर्ताओं से बात करते हुए कहा कि मैं आपकी समस्याओं से परेशानियों से परिचित हूं मैं सरकार से पूछना चाहता हूं की इन्होंने लाखों करोड़ों रुपये कर्जा लिया ब्याज भरने के लिए ये कर्जा ले रहे हैं. इस कर्जे का क्या हुआ, उस पैसे से हमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का न्याय नही हो सकता, जो सविंदा से हैं अतिथि शिक्षकों का नियमितकरण नही हो सकता.

इसी दौरान कमलनाथ ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहां कि ‘सरकार ने पैसे क्यों लिए है मै बताता हूं. इन्होंने बड़े बड़े ठेके दिए, उन्हें एडवांस देकर अपना कमीशन निकालते हैं, कार्यकर्ताओं से कमलनाथ ने कहा कि जिस तरह से आपको तड़पाया है. आप भी इनको तड़पाएंगे, पूरे प्रदेश की बहनों से बात करे उन्हें समझाए आपने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. छः महीने बचे हैं कांग्रेस की सरकार आएगी और हम आपकी मांगो को पूरा करेंगे, और आपका सम्मान भी होगा.’

यह है इनकी मांग

दरअसल प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठी है. उनकी मांग है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को नियमित किया जाए. वेतन में वृद्धि की जाये. कम से कम 24 हजार रुपये. रिटायरमेंट कार्यकर्ता को 5 लाख रुपये सहायिका को 2 लाख रुपये मिनी कार्यकर्ता को 3 लाख रुपये दिए जाएं. उनकी मृत्यु हो जाती है तो परिवार के लोगो को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाए. मिनी कार्यकर्ता है उसे मेन कार्यकर्ता बनाया जाए. जो सीधी भर्ती की जाती है बंद करके केवल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को प्रमोशन दिया जाए. जब तक इन सभी मांगों को सरकार पूरा नहीं करती जिन्हें अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठी रहेगी


23 दिनों से जारी है हड़ताल, आंगनबाड़ी में लगे ताले:

बता दें कि पिछले 23 दिनों से छिंदवाड़ा जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इसके चलते आंगनवाड़ी केंद्रों पर ताले लटके हैं. इतना ही नहीं मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के पंजीयन में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने से बच्चों के पोषण कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहे हैं.




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