कमलनाथ वोटों की भूख में पागल हो गए हैं : शिवराज कमलनाथ का पलटवार प्रदेश को दंगों में झोंकना चाहते है


भोपाल। पिछले 2 दिनों पहले  छिंदवाड़ा में हुई रोजा अफ्तारी कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा प्रदेश में अशांति का माहौल होने और दंगे - फसाद संबंधी होने वाला बयान दिया गया था। इसके बाद से ही वे भाजपा के निशाने पर हैं । गुरुवार को भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के गृह मंत्री डॉ . नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया था । शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ पर फिर हमला बोला है । मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मित्रों अपना मध्य प्रदेश शांति का टापू है । प्रेम , स्नेह और सद्भाव के साथ प्रदेश की जनता रहती है । आपने देखा रामनवमी हो या हनुमान जयंती हो पूरे प्रदेश में ना केवल शांति बल्कि सौहार्द और सद्भाव के साथ मनाई गई लेकिन कांग्रेस को ये रास नहीं आ रहा । कांग्रेस चाहती है कि मध्यप्रदेश शांति का टापू ना रहे यहां दंगे , फसाद हों । मुझे तो आश्चर्य होता है कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता , पूर्व मुख्यमंत्री जब 2018 में मुख्यमंत्री नहीं थे चुनाव के पहले तब भी ये कह रहे थे और जोर - जोर से कह रहे थे कि मुसलमानों के पोलिंग बूथ पर 90 प्रतिशत वोट क्यों नहीं डलते , वोट डलवाओ नहीं तो नुकसान हो जाएगा । उस समय का वीडियो दुनिया ने देखा है कि वो केवल वोटबैंक मानकर के काम करते हैं । क्या वोट के लिए लोगों को भड़काया जाएगा , धर्मों में और जातियों में ? अभी परसों की घटना है कमलनाथ रोजा इफ्तार के समय फिर कह रहे हैं इस साल दंगे भड़क रहे हैं प्रदेश में .... अरे कहां प्रदेश में दंगे भड़क रहे हैं ? कहां प्रदेश में अशांति है ? लेकिन वोटों की भूख में आप इतने पागल हो गए हैं कि प्रदेश को दंगे फसाद में झोंकना चाहते हैं , आप अशांति और वैमनस्य की खाई में ? क्या आप मन ही मन कामना करते हैं कि दंगे भड़क जाएं ?

कोरोना में शवों को देखकर प्रसन्न होते थे मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोविड था तब भी ये शवों को देखकर प्रसन्न होते थे , लाशों को देखकर आनंदित होते थे । ये राजनीति की स्तरहीनता मध्यप्रदेश का भला नहीं करेगी । हमने देखा रामनवमी पर भी , हनुमान जयंती पर भी हमारे मुस्लिम भाइयों ने भी कई जगहों पर पुष्पों की वर्षा की ये सद्भाव आपको ठीक नहीं लग रहा लेकिन आप कुछ भी कर लें मध्यप्रदेश को दंगो की आग में हम झोंकने नहीं देंगे अमन और चैन यहां कायम रहेगा ।

मर्यादा और संस्कार छोड़कर बात कर रहे शिवराज , कमलनाथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा कमलनाथ के बयान पर शुक्रवार को किए गए पलटवार के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज जी कुछ दिन पहले आप मेरा अंत करना चाहते थे और आज आपने मुझे पागल कहा है । पूरी दुनिया देख रही है कि मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसी हरकतें कर रहे है ? उसके भीतर की सारी सभ्यता , मर्यादा और संस्कार समाप्त हो चुके हैं । वह सड़क छाप गुंडों की भाषा बोल रहे हैं । कमनाथ ने कहा कि मुझे अपने अपमान की फिक्र नहीं है । मैं तो पिछले 44 साल से मध्य प्रदेश की जनता की सेवा कर रहा हूं और आखिरी सांस तक करता रहूंगा । लेकिन मुझे दुख इस बात का है कि मध्यप्रदेश जैसे महान राज्य के मुख्यमंत्री ऐसी बातें कर रहे हैं ।
कमलनाथ ने कहा कि मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आप का षड्यंत्र कामयाब नहीं होगा । शिवराज जी मध्य प्रदेश शांति का टापू था और रहेगा । लेकिन आपने अपने 18 साल के कुशासन में प्रदेश की शांति भंग कर दी है । जब आप सुबह मीडिया से मुखातिब होकर मुझे गालियां दे रहे थे , तब भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर हजारों कर्मचारी आप के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे । आपने नौजवानों से रोजगार , कामयाब नहीं होगा षड्यंत्र किसानों से उपज का सही मूल्य , बहनों से उनकी सुरक्षा छीन ली है । अल्पसंख्यक , दलित और आदिवासियों से सामाजिक न्याय छीन लिया है , पिछड़ा वर्ग से कांग्रेस का दिया आरक्षण छीन लिया है , सामान्य वर्ग से विकास की संभावनाएं छीन ली हैं । आपने हर वर्ग के जीवन से सुख शांति का हरण कर लिया है । आपने  18 साल में पूरी एक पीढ़ी बर्बाद कर दी है । इतिहास आपको कभी माफ नहीं करेगा ।

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