कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़, एक महिला की मौत,
मध्यप्रदेश के सीहोर कुबेरेश्वर धाम मैं भारी भीड़ और अव्यवस्थाओं के कारण एक मौत हो गई सीहोर जिले के ग्राम चितावलियां हेमा में पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम में दूसरे दिन भी रुद्राक्ष वितरण महोत्सव का चल रहा है जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं
आज शुक्रवार को दूसरे दिन भी रुद्राक्ष वितरण महोत्सव चला . शिव पुराण कथा का ये दूसरा दिन है यहां लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालु जुटे . गुरुवार को यहां करीब 9-10 लाख की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे भीड़ को देखकर रुद्रा वितरण स्थल पर बैरिकेट्स टूटने के बाद रुद्राक्ष वितरण रोक दिया गया जिसके बाद श्रद्धालु वापस जाने लगे फिलहाल भीड़ अभी भी जस की तस बनी हुई है
भारी भीड़ मैं बच्चे की मौत सीने से लगाकर रोती रही मां
रुद्राक्ष महोत्सव में शुक्रवार को बेकाबू भीड़ में 3 साल के अमोघ भट्ट नामक बच्चे की मौत होने से यहां हड़कंप मच गया . मृत बच्चे के पिता विनोद भट्ट जलगांव से यहां अपनी पत्नी व बच्चे के साथ आए थे भारी भीड़ में बच्चे की हालत बिगड़ गई उसे जिला अस्पताल ले जाया गया , जहां डॉक्टरों ने उसे मृत होने की पुष्टि की . बच्चे का शव कोख में लेकर मां बिलखती रही .
बता दें कि गुरुवार को भी महाराष्ट्र की एक महिला की मौत हो गई थी इसके साथ ही 4 लोग लापता हो गए थे अब रुद्राक्ष वितरण बंद हो जाने के कारण सीहोर आए लोग वापस जाने लगे हैं . इस समय कुबेरेश्वर धाम में लगभग डेढ़ लाख लोग मौजूद हैं . अधिकांश लोग यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा अर्चना करने तथा धाम के दर्शन करने के लिए रुके हुए हैं . प्रतिदिन होने वाली शिव पुराण कथा सुनने के लिए भी श्रद्धालु यहां उपस्थित हैं . बता दें कि कुबरेश्वर धाम में गुरुवार को भगदड़ के कारण एक महिला की मौत हो गई , जबकी 4 अन्य लापता हो गए हैं . महाराष्ट्र के नाशिक की रहने वाली 52 वर्षीय मंगल बाई अपने साथियों के साथ सीहोर के कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष लेने के लिए आई थी . रुद्राक्ष की लाइन में लगने से महिला की तबीयत खराब हुई और उसके बाद महिला को इलाज के लिए सीहोर लाया गया , जहां डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया रुद्राक्ष महोत्सव में गुरुवार को भारी भीड़ आ जाने के कारण भोपाल इंदौर रोड पर लगभग 27 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था . शुक्रवार को भी सुबह यातायात व्यवस्था अनियंत्रित रही
एक दिन पहले महिला मौत की शिकार : अब रुद्राक्ष वितरण बंद हो जाने के कारण सीहोर आए लोग वापस जाने लगे हैं . इस समय कुबेरेश्वर धाम में लगभग डेढ़ लाख लोग मौजूद हैं . अधिकांश लोग यहां महाशिवरात्रि के अवसर पर पूजा अर्चना करने तथा धाम के दर्शन करने के लिए रुके हुए हैं . प्रतिदिन होने वाली शिव पुराण कथा सुनने के लिए भी श्रद्धालु यहां उपस्थित हैं . बता दें कि कुबरेश्वर धाम में गुरुवार को भगदड़ के कारण एक महिला की मौत हो गई , जबकी 4 अन्य लापता हो गए हैं . महाराष्ट्र के नाशिक की रहने वाली 52 वर्षीय मंगल बाई अपने साथियों के साथ सीहोर के कुबरेश्वर धाम में रुद्राक्ष लेने के लिए आई थी . रुद्राक्ष की लाइन में लगने से महिला की तबीयत खराब हुई और उसके बाद महिला को इलाज के लिए सीहोर लाया गया , जहां डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया .
क्यों खास है ये रुद्राक्ष?
रुद्राक्ष लेने के लिए आए श्रद्धालुओं में यह भ्रम है कि कुबेश्वर धाम पर जो रुद्राक्ष बांटा जा रहा है उसे पानी में डालना है और उस पानी को पी जाना है। ऐसा करने से उनकी हर समस्या दूर हो जाएगी। भले ही नक्षत्र खराब हो, बीमारी हो, भूत बाधा हो सब संकट का निवारण हो जाएगा। यही वजह है कि इस रुद्राक्ष को लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटी है।






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