अवैध नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम का छापा हड़कंप 2 क्लीनिक सील

अवैध नर्सिंग होम पर स्वास्थ्य विभाग की टीम का छापा हड़कंप 2 क्लीनिक सील

सिरोंज क्षेत्र में गुरुवार का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अचानक अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं दो क्लीनिक सील करने की कार्रवाई की गई है तथा दो निजी नर्सिंग होम अस्पतालों को भी 7 दिवस के अंदर कमियां पूरी करने के लिए नोटिस जारी किया गया है । जिसमें आरोग्य अस्पताल में एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिलने जो नर्स मिली है वहां अभी कॉलेज में अध्ययन कर रही है इनके पास अभी नर्स की डिग्री भी नहीं है । इसके बाद यहां पर डॉक्टरों की टीम ने बारीकी से जांच पड़ताल करते हुए डॉ गोलू जाटव ने अस्पताल प्रबंधन को 7 दिवस के अंदर समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं । इसके अलावा जांच टीम ने कस्टम रोड पर श्रीजी अस्पताल को भी सील किया है यहां पर कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला अवैध रूप से नर्सिंग होम का संचालन यहां पर हो रहा है । हैरानी की बात तो यह है कि यहां पर सभी तरह की बीमारी का उपचार करने के बड़े - बड़े बोर्ड लगे हुए हैं कई सालों से अवैध रूप से अस्पताल का संचालन करने के लिए एमबीबीएस डॉक्टरों से लेकर कई तरह की जांच पड़ताल की सुविधा भी होने की बात मरीजों से कहकर उनसे मोटी रकम वसूलने का काम भी किया जा रहा है ।
जांच टीम की जांच के दौरान नहीं मिले डॉक्टर

अवैध अस्पतालों का संचालन झोलाछाप डॉक्टरों के माध्यम से किया जा रहा था जैसे ही टीम जांच करने पहुंची और दस्तावेज मांगे तो झोलाछाप डॉक्टर हक्के - बक्के रह गए । इसी तरह हाजीपुर में भी एक निजी अस्पताल पर भी एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिले इसका संचालन भी अवैध रूप से हो रहा है जैसे ही जांच टीम पहुंची तो कोई एमबीबीएस डॉक्टर नहीं मिला इसके बाद भी यहां पर सभी तरह की बीमारी का उपचार जरूर है किया जा रहा । डॉक्टर गोलू जाटव के साथ टीम ने यहां पर सभी जानकारियां अस्पताल संचालित करने वाले जिम्मेदारों से मांगी तो उनके पास आधे अधूरे दस्तावेज थे एमबीबीएस डॉक्टर मौके पर कार्य करते हुए पाया नहीं गया । नगर में कई नर्सिंग होम अस्पताल तथा और सैकड़ों की संख्या में क्लीनिक नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों में अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं ।




मनमाने दाम और कमीशन पर बेची जा रही है दवाइयां 

 झोलाछाप डॉक्टर द्वारा संचालित हो रहे हैं  छोटी - छोटी गलियों में अस्पताल डालकर महिला चिकित्सक खूब गर्भपात एवं डिलीवरिया करा रही है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई ध्यान नही दे है । इसी प्रकार काले बाजार में महिला डाक्टर साथ में अपने क्लिनिक से ही दवाये मरीजों को मोटे दामों पर दे रही है जिस से भोले भाले ग्रामीण लोग एवं गरीब लोग लुट रहे है यह डाक्टर नाही एम.बी.बी.एस है और नाही इनके पास दवायें बेचने का लायसंस जहाँ महिला झोलाछाप चिकित्सक नियम विरुद्ध क्लीनिक संचालित कर रही है ना तो उनके पास कोई डिग्री है ना कोई डिप्लोमा लेकिन खुलेआम डिलीवरी कराई जा रही हैं जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का डर भी नहीं बचा है । अब देखना यह होगा कि क्या स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करेगा या यूं ही रस्म अदायगी कर वापस लौट जाएगा ।

7 सर्टिफाइड और संचालित हो रहे हैं 100 से अधिक क्लीनिक

  बता दें कि जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बताया कि सिरोंज में सिर्फ 7 क्लिनिक रजिस्ट्रेशन धारी है । मगर छोटे बड़े मिलाकर करीब 100 क्लिनिक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में चल रहे है । ये फर्जी छोला छाप डॉक्टर बेधड़क होकर लोगो का इलाज करते है । ये सभी इंजेक्शन , बॉटल भी मरीज को लगा देते है । कई मौतें भी गलत इंजेक्शन के चलते हो चुकी है । मगर सांठगांठ कर सब मैनेज कर लिया गया । लोगो की जान से रोज खिलवाड़ हो रहा है । गांव की बिना पड़ी जनता समझ ही नहीं पाती की जिससे इलाज करवा रहे है वो कालीफाइंड डॉक्टर नहीं है । डॉ गोलू जाटव ने कहा कि कोशिश है कि सिरोंज के सभी क्लिनिक की जांच की जाय कार्यवाही आगामी दिनों में भी जारी रहेगी

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