सीएम ने शिकायतें मिलने का बोलकर हटाया था, आदेश में लिखा- अर्जित अवकाश पर गए


भोपाल मध्यप्रदेश । सीएम शिवराज का अधिकारियों को मंच से ही सस्पेंड निलंबित और हटाने का सिलसिला हर कार्यक्रम और सभा के दौरान दिखाई दे रहा है सीएम शिवराज जिस  शहर में सभा यह कार्यक्रम में होते है वहां पर मुख्यमंत्री जी एक या दो विकेट गिराने से परहेज नहीं करते ऐसे अनगिनत अधिकारियों को सीएम ने मंच से ही निलंबित सस्पेंड तथा हटा दिया है लेकिन एक के बाद एक अधिकारी सीएम शिवराज के  हटाने निलंबित और सस्पेंड करने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा है जिसका एक उदाहरण जीसी चौरसिया भी है जिन्हें सीएम शिवराज ने मंच से एक बार नहीं बल्कि दो बार सस्पेंड कर दिया लेकिन वह हाईकोर्ट से दोनों बार ही सस्पेंशन को चुनौती देते हुए स्थगन ले आए  जिसके बाद शिवराज के सस्पेंशन को लेकर भी सवाल खड़े हो गए अब एक मामला निवाड़ी से है |
 दरअसल  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बुधवार को कलेक्टर तरुण भटनागर को हटाने के आदेश दिए थे। सीएम ने कलेक्टर की शिकायतें मिलने का हवाला देकर उन्हें मंच से ही हटाने का आदेश दिया था।

 गुरुवार को कलेक्टर को यह आदेश भी मिल गया लेकिन इस आदेश में शिकायतों के कारण हटाने का जिक्र कहीं नहीं है।
आदेश में कलेक्टर के अवकाश पर जाने की बात का जिक्र किया गया है।  गुरुवार शाम को जारी हुए एक आदेश में तरुण भटनागर को मंत्रालय में उपसचिव नियुक्त किया गया है। निवाड़ी में  उनके स्थान पर अरुण कुमार विश्वकर्मा को कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
निवाड़ी गढ़कुंडार महोत्सव कार्यक्रम के दौरान सीएम ने कलेक्टर पर हटाने की कार्रवाई की

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हर एक मंच पर एक्शन में दिखाई देते हैं और अधिकारियों को सस्पेंड निलंबित आदि कार्यवाही कर रहे हैं शिवराज सिंह बुधवार को गढ़कुंडार महोत्सव में शामिल होने निवाड़ी पहुंचे थे। सीएम ने इस दौरान मंच से ही निवाड़ी जिला कलेक्टर तरुण भटनागर और ओरछा तहसीलदार संदीप शर्मा को हटाने के निर्देश दिए थे। सीएम ने कहा था कि निवाड़ी जिले के कलेक्टर ने शासन की अपेक्षाओं को पूरा नहीं विफल साबित हो रहे हैं। सीएम शिवराज को इस संबंध में कलेक्टर की कई शिकायत मिली थी जिसके बाद उन्होंने मंच से एक कार्रवाई की। सीएम ने कहा मैं तत्काल प्रभाव से कलेक्टर को हटाता हूं निवाड़ी जिला मुझे प्राणों से प्यारा है। यहां की जनता से मुझे गंभीर शिकायतें मिली हैं। मैं किसी का अपमान नहीं करता हूं, जो शासकीय कर्मचारी अच्छा काम करते हैं, मैं उसका स्वागत सत्कार करता हूं।


तहसीलदार पर शासकीय अनियमितताओं के चलते हटाने का जिक्र

सागर संभाग कमिश्नर द्वारा तहसीलदार को जो आदेश जारी किया गया है, उसमें सभी बातों का जिक्र है कि उन्हें क्यों हटाया गया, जबकि कलेक्टर के आदेश में ऐसा कोई जिक्र नहीं है। कमिश्नर कार्यालय सागर संभाग की ओर से मिले आदेश में साफ लिखा है कि निवाड़ी कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट तरुण भटनागर द्वारा अर्जित अवकाश पर प्रस्थित होने से मुख्य कार्यपालन अधिकारी आईएएस सिद्धार्थ जैन को निवाड़ी कलेक्टर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा जाता है। आदेश में ऐसा कहीं भी उल्लेख नहीं है कि तरुण भटनागर को हटा दिया गया है। हालांकि इस संबंध में यह प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है कि 2023 में विधानसभा चुनाव होने हैं और ऐसे में निर्वाचन का काम की जिम्मेदारी कलेक्टर पर है ऐसे में कलेक्टर अगर सस्पेंड होते हैं तो विधानसभा चुनाव असर पड़ेगा फिलहाल मध्यप्रदेश में निर्वाचन प्रक्रिया भी चल रही है। जानकार बताते हैं कि बिना चुनाव आयोग की परमिशन के बिना सीएम कलेक्टर को नहीं हटा सकते वर्तमान में मतदाता सूचियों के प्रकाशन को लेकर कार्य चल रहे हैं और ऐसे में अगर किसी निर्वाचन अधिकारी को हटाया जाता है तो निर्वाचन का काम प्रभावित  होने की आशंका है। इसलिए चुनाव आयोग के मामले से बचने के लिए आदेश में कलेक्टर को अवकाश पर भेजने की बात लिखी गई है। मप्र जनसंपर्क विभाग ने अपने सोशल मीडिया पेज पर भी कलेक्टर तरुण भटनागर पर की गई कार्रवाई को लेकर पोस्ट किया है।

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