अभी उनकी पोल खोल दूं, आप लोगों को ई- टेंडरिंग, हनीट्रेप की पूरी सच्चाई नहीं पता। मैं नहीं चाहता था कि हमारे प्रदेश की बदनामी हो।

 आप लोगों को अभी ई- टेंडरिंग, हनीट्रेप की पूरी     सच्चाई नहीं पता।  मैं नहीं चाहता था कि हमारे       प्रदेश की बदनामी हो। कमलनाथ

 किस बदनामी से डर रहे हैं कमलनाथ,

 हनी ट्रैप का कौन सा राज छुपा रहे हैं कमलनाथ,



कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी के कद्दावर मंत्री भूपेन्द्र सिंह के उस बयान पर पलटवार किया है, जिसमें भूपेन्द्र सिंह ने कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में उन्हें और उनके परिवार को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। कमलनाथ ने कहा कि उन्होंने भूपेन्द्र सिंह का बंगला सुरक्षित रखने के लिए उसे नकुलनाथ के नाम कर दिया था।

शुभम सोनी भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस बीजेपी पर और बीजेपी कांग्रेस पर आरोप-प्रत्यारोप का कोई मौका छोड़ना नहीं चाहती सागर से शुरू हुए बात विवाद को अब कांग्रेस अपने स्तर से भूनने की तैयारी कर रही है | कांग्रेस बीजेपी के नेताओं पर आरोप लगा रही है | बीजेपी कांग्रेस को इसकी जिम्मेदार बता रही है |सागर में भूपेंद्र सिंह मंत्री हैं और उनके क्षेत्र में ही कांग्रेस के नेताओं को प्रताड़ित और झूठे मामले को लेकर कांग्रेस के कमलनाथ और दिग्विजय सिंह अलर्ट पर हैं | सागर मैं प्रताड़ित कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं से बात कर रहे हैं | उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं | और समय के इंतजार में शिवराज सरकार को घेरने पर मंथन जारी है |
मंत्री भूपेन्द्र सिंह के आरोपों पर कमलनाथ पलटवार करते हुए कहा  

पत्रकारों के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि, मैं अभी उनकी पोल खोल दूं? भूपेन्द्र सिंह का घर तक मैंने नहीं लिया। उनका घर सुरक्षित रखने के लिए मैंने उसे नकुल के नाम पर कर दिया। सब मंत्री मेरे पीछे पड़े थे कि ये घर चाहिए। और यह कह रहे हैं कि प्रताड़ित किया | कमलनाथ ने कहा कि वो घर उनके पास रहे इसलिए मैंने उसे नकुल नाथ के नाम कर दिया था। इसी बीच कमलनाथ की बात को सहमति देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा उन्होंने रिक्वेस्ट की थी कि मेरा बेटा यहां पढ़ रहा है, घर मेरे पास रहने दीजिए। मैंने नकुल नाथ के नाम पर करा कर खाली नहीं कराया था।

आगे कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता में कहा कि मैंने उनके निवेदन पर उनके बच्चे पढ़ रहे हैं। अभी यहां से मत हटाइए। मैंने सोचा ये मानवता की बात है, बच्चे पढ़ रहे हैं। मैंने उनके ऊपर कोई अहसान नहीं कर रहा था। उनकी मांग भी गलत नहीं थी। सही बात उन्होंने बताई तो क्योंकि मेरे अपने लोग जो प्रेशराइज कर रहे थे,  अपने लोगों से उनसे सुरक्षित रहे इसलिए उसे नकुल के नाम कर दिया।ठीक है अभी उन्हें कुछ महीनों तक मत हटाइए

दरअसल  पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पत्रकार वार्ता कर रहे थे इसी दौरान कमलनाथ भी पत्रकार वार्ता में पहुंचे थे पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने मंत्री भूपेश सिंह के लगाए आरोपों का खंडन किया इसी दौरान उन्होंने कहा- पूरा प्रदेश गवाह है कि कांग्रेस के कार्यकाल में हमने कभी ऐसी राजनीति नहीं की। मेरे पास कई शिकायतें आतीं थीं। पिछले मंत्रियों से लेकर मुख्यमंत्री तक की। आप लोगों को अभी ई- टेंडरिंग, हनीट्रेप की पूरी सच्चाई नहीं पता। मैं नहीं चाहता था कि हमारे प्रदेश की बदनामी हो। इस प्रकार की राजनीति के बजाए विकास के काम कीजिए। वे आयोग बना दें कि 2018 से अब तक कौन प्रताड़ित हुआ।


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