विदिशा। शरद पूर्णिमा पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीमों ने मिठाई दुकानों, डेयरियों और मावा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
अभियान के तहत विदिशा की स्वर्णकार कॉलोनी स्थित वैष्णव डेयरी एंड ड्राई फ्रूट्स से मावा और पनीर के नमूने लिए गए। वहीं रायसेन गेट स्थित संतोष नेमा मिष्ठान से मावा लड्डू का नमूना संग्रहित किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुदसिया खान ने प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की।सिरोंज और गंजबासौदा में भी जांच
सिरोंज में खाद्य सुरक्षा अधिकारी कल्पना अर्शिया ने मां शीतला स्वीट्स से मावा लड्डू, मावा और नमकीन के नमूने लिए। तिरुपति मिष्ठान भंडार से मावा लड्डू और बेसन लड्डू के नमूने संग्रहित किए गए। इसी तरह गंजबासौदा स्थित अग्रवाल स्वीट्स से मावा का नमूना लिया गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सारिका गुप्ता ने महानीम चौराहा स्थित चौबे स्वीट्स एंड बेकरी का निरीक्षण कर मावा लड्डू, मावा और नमकीन के नमूने जांच के लिए लिए। इसके अलावा विदिशा के माधवगंज क्षेत्र में हाथ ठेलों पर मावा बेचने वाले विक्रेताओं की भी जांच की गई।जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने विक्रेताओं को खराब, मिलावटी या अमानक मावा नहीं बेचने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, त्योहार के दौरान निरीक्षण और नमूने लेने की कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी अनियमितता पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाइयां खरीदने और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की सूचना विभाग को देने की अपील की है।




0 टिप्पणियाँ