सिंचाई ठप, पढ़ाई पर भी असर; नियमित बिजली नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
मुरवास, लटेरी। बिजली कंपनी द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर की जा रही कटौती से मुरवास क्षेत्र के करीब 75 गांवों में बिजली संकट गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है। इससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था ठप होने के साथ ही आम जनजीवन और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बिजली कंपनी द्वारा सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद रखी जा रही है। इसके बावजूद अन्य समय में भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि कई बार दिनभर में एक घंटे भी निर्बाध बिजली नहीं मिलती। ऐसे में खेतों में सिंचाई के लिए लगे मोटर पंप बंद पड़े हैं और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
10 घंटे बिजली के वादे पर उठाए सवाल
किसानों ने प्रदेश सरकार की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात करती है, लेकिन मुरवास क्षेत्र में स्थिति इसके उलट है। किसानों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है, वहीं ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां भी बाधित हैं।
जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
क्षेत्र के किसानों ने मुख्यमंत्री से मुरवास क्षेत्र की बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार कर नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ और निर्धारित अवधि तक बिजली नहीं मिली, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
मेंटेनेंस का दिया हवाला
बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर कंपनी के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, अधिकारियों ने मेंटेनेंस का हवाला दिया। हालांकि, चार दिनों से प्रभावित बिजली आपूर्ति को लेकर किसानों में नाराजगी बनी हुई है।




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