केसीसी भुगतान में देरी पर किसानों का धरना, सड़क पर बैठकर जताया विरोध

शुभम सोनी लटेरी/आनंदपुर। जिला सहकारी बैंक में नकदी नहीं मिलने से सोमवार को किसानों का सब्र टूट गया। केसीसी राशि निकालने पहुंचे किसानों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुख्य सड़क पर धरना दे दिया। इस दौरान लटेरी–आरोन मार्ग पर जाम की स्थिति बन गई। तेज धूप में बैठे किसानों ने एसडीएम और तहसीलदार को मौके पर बुलाने की मांग की। 
जानकारी के अनुसार, सप्ताह का पहला दिन होने से सुबह नौ बजे से ही किसान बैंक पहुंचने लगे थे। दस बजे बैंक खुलने के बाद किसान चेक लेकर काउंटर पर पहुंचे, लेकिन शाखा प्रबंधक ने नकदी नहीं होने की बात कहते हुए चेक स्वीकार करने से इनकार कर दिया। साथ ही बैंक में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से भी किसानों में नाराजगी बढ़ गई। 
इस पर किसान बैंक के सामने मुख्य सड़क पर बैठ गए।
धरने के दौरान तेज गर्मी के कारण उनारसी कलां के किसान हरिराम अहिरवार की तबीयत बिगड़ गई, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। उन्होंने बैंक और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बताया गया कि
 एसडीएम से संपर्क नहीं हो सका, जबकि करीब डेढ़ घंटे बाद तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को उसी दिन राशि वितरण का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। तहसीलदार ने स्वयं बैंक में बैठकर भुगतान प्रक्रिया शुरू करवाई।
किसानों ने बताई परेशानी 
बापचा के किसान जसवंत सिंह बघेल ने कहा कि वे पिछले दो-तीन दिन से नकदी लेने आ रहे हैं, लेकिन हर बार पैसे नहीं होने की बात कही जाती है। सतपाड़ा के रामवीर रघुवंशी ने बताया कि दो दिन पहले चेक जमा करने के बाद भी भुगतान नहीं मिला। उनारसी कलां के जितेंद्र चौरसिया ने कहा कि वे बुजुर्ग माता को साथ लेकर 40 किमी दूर से आए हैं, लेकिन भुगतान नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है। आनंदपुर के धर्म बघेल ने बताया कि विवाह सीजन में पैसों की जरूरत है, लेकिन किसान खाली हाथ लौट रहे हैं।
नायब तहसीलदार भास्कर सिंह रघुवंशी ने बताया कि बैंक में नकदी की कमी के कारण किसानों ने चक्काजाम किया था। अब बैंक में पर्याप्त राशि मंगा ली गई है और वितरण शुरू कर दिया गया है। बैंक प्रबंधन ने भी अधिक से अधिक किसानों को भुगतान करने का भरोसा दिया है।

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