आनंदपुर। भीषण गर्मी के बीच ग्राम पंचायत आनंदपुर में जल संकट गहराता जा रहा है। गांव में पिछले 15-20 दिनों से नियमित जल आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे 1 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। कई परिवारों की दिनचर्या पानी की व्यवस्था में ही गुजर रही है।
ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के ठेकेदार पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समस्या सुधारने के बजाय हालात और बिगाड़ दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में पहले डाली गई करीब 400-500 क्विंटल जीआई पाइपलाइन को ग्राम पंचायत और ठेकेदार द्वारा निकालकर बेच दिया गया। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो करोड़ों की लागत वाली जल जीवन मिशन योजना पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले 7-8 महीनों से पीएचई का कार्य जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को पानी नहीं मिल रहा। पानी भरने को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनने लगी है। वहीं ग्राम गोलाखेड़ा में पीएचई द्वारा किए गए दो नए बोर अभी तक चालू नहीं हो सके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बोर फेल हैं। पिछले एक माह से ट्यूबवेल में मोटर डालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन टेढ़ी-मेढ़ी कैसिंग और गड्ढों के कारण मोटर नहीं उतर पा रही।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार के कर्मचारियों ने बिना अनुमति एमपीआरडीसी और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कों को खोद दिया, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। रातों-रात सड़क खोदकर पाइपलाइन बिछाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है।
SDO ने दी सफाई
पीएचई विभाग के एसडीओ ने बताया कि नई बोरिंग में बड़ी मोटर फिट नहीं हो पा रही थी, इसलिए छोटी मोटर भेजी गई है। जल्द जल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। जीआई पाइपलाइन बेचने और सड़क तोड़ने के मामले में जांच की बात कही गई है।




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