आनंदपुर में जल संकट गहराया: 15-20 दिन से सप्लाई बंद, ठेकेदार-पंचायत पर आरोप; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

आनंदपुर । भीषण गर्मी के बीच ग्राम पंचायत आनंदपुर में जल संकट गंभीर हो गया है। गांव में पिछले 15-20 दिनों से नियमित जल आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे 1 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। 
ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के ठेकेदार पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि समस्या सुधारने के बजाय हालात और बिगड़ गए हैं। कई परिवारों की दिनचर्या पानी की व्यवस्था में ही गुजर रही है।
करोड़ों की योजना पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले 7-8 महीनों से पीएचई का काम जारी है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को पानी नहीं मिल रहा। पानी भरने को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनने लगी है। 

बोरिंग फेल, मोटर नहीं उतर पा रही

ग्रामीणों के अनुसार ग्राम शाहपुर में पीएचई द्वारा दो नए बोर कराए गए, लेकिन वे अभी तक चालू नहीं हो सके हैं। आरोप है कि बोर फेल हो गए हैं। पिछले एक माह से ट्यूबवेल में मोटर डालने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन गड्ढे टेढ़े-मेढ़े होने और अलग-अलग साइज की केसिंग के कारण मोटर नहीं उतर पा रही है।

युवा कांग्रेस नेता ने भी उठाया मुद्दा

इस दौरान समाजसेवी विवेक कुशवाहा एवं कांग्रेस के युवा मंडल अध्यक्ष नवीन करेरिया भी गोलाखेड़ा में हो रहे निर्माण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्य में देरी का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द जल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। 

सात दिन का अल्टीमेटम

समस्या को लेकर ग्रामीण शाहपुर में एकत्रित हुए और ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों से सात दिन में समाधान की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह में पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

SDO ने दी सफाई

पीएचई विभाग के एसडीओ ने बताया कि नई बोरिंग में बड़ी मोटर फिट नहीं हो पा रही थी, इसलिए छोटी मोटर भेजी गई है। जल्द जल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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